नीमच। आज दिनांक 9 अप्रैल 2025 को जारी एक प्रेस नोट में सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड शैलेंद्र सिंह ठाकुर, सीटू के जिला सचिव मुकेश नागदा, इंटक काउंसिल के जिला अध्यक्ष भगत वर्मा, सीमेंट श्रमिक संघ के महासचिव निर्भय राम चौहान, संयुक्त ट्रेड यूनियन के शोभाराम धाकड़ ने बताया कि सीसीआई प्रबंधन द्वारा माननीय तहसीलदार न्यायालय द्वारा 21 मार्च 2025 को जारी कुर्की के आदेश को रोकने के लिए प्रबंधन द्वारा रेट पिटीशन 11731/ 2025 पर माननीय उच्च न्यायालय इंदौर ने 8 अप्रैल को अपना निर्णय देते हुए 21 मार्च 2025 के माननीय तहसीलदार जावद के आदेश को रद्द कर दिया है। किंतु साथ ही यह निर्देश भी दिया है कि तहसीलदार जावद सीमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया की अन्य संपत्तियां जिनकी सूची याचिका में दी गई है उनकी कुर्की कर सकते है। ज्ञात रहे सीमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया नयागांव की फैक्ट्री पर यहां कार्यरत मजदूरों के बकाया 17 करोड रुपए वेतन के संबंध में श्रम न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के अनुरूप मजदूरों का बकाया वेतन दिलाने के लिए तहसीलदार जावद द्वारा 21 मार्च 2025 को सीसीआई नयागांव फैक्ट्री की स्क्रेप नीलामी पर रोक लगा दी गई थी तथा कुर्की के आदेश जारी कर दिए गए थे। जिस पर प्रबंधन द्वारा रोक लगाने के लिए माननीय उच्च न्यायालय की शरण ली थी।
माननीय उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में याचिकाकर्ता प्रबंधन द्वारा यह कहने पर कि स्क्रैप की नीलामी की बोली हमने 40 करोड रुपए रखी थी जिसकी बोली 100 करोड रुपए से अधिक लग गई है ।न्यायालय ने यह माना कि प्रबंधन इस नीलामी की रकम से प्राप्त रकम में से मजदूरों का बकाया 17 करोड रुपए दे सकता है। मैनेजमेंट की इस याचिका में कई महत्वपूर्ण बिंदु उभरकर भी सामने आए हैं ऐसा पहली बार हुआ है कि सीमेंट कॉरपोरेशन आफ इंडिया ने यह माना है कि नया गांव सीमेंट फैक्ट्री के पास वर्तमान में नीलामी प्रक्रिया के अलावा अन्य संपत्तियों की कीमत 500 करोड रुपए से अधिक है जिसका हवाला याचिका में दिया गया है। प्रबंधन ने यह भी कहा है कि नीलामी इसलिए ही की जा रही है कि जो भी देनदारी है उसको चुकता किया जाएगा।
माननीय न्यायालय के इस निर्णय के आलोक में मजदूर संगठनों द्वारा माननीय तहसीलदार जावद से अनुरोध किया जाएगा कि शीघ्र से शीघ्र सीसीई नयागांव की अन्य संपत्ति जो की याचिका के चरण 5.16 में दी गई है। उसकी कुर्की कर मजदूरों का बकाया वेतन दिलवाने की व्यवस्था करें।