रतलाम। जिले के जावरा और आलोट विधानसभा मैं लगने वाले गांव सेजावता से भूतेड़ा तक करीब 3 किलो मीटर सड़क की हालत इस दिनों खस्ताहाल है. इस 3 किलो मीटर में सड़क पर बने गहरे गड्ढे सड़क हादसों को दावत दे रहे हैं. बारिश के दौरान जलभराव होने से ये गड्ढे और भी ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं. बारिश के मौसम मैं राहगीर खुद गड्ढे देखकर कंफ्यूज हो जाएंगे की सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है।
कुछ गड्ढे इतने बड़े-बड़े हैं की गाड़ी निकालना भी मुश्किल हो रहा है. ओर बारिश के मौसम मैं यहां से गाड़ी निकालना मतलब खतरों से खेलना है
आपको बता दे कि इस मार्ग से आसपास के सैकड़ो गांव जुड़े हुए हैं राहगीरों को हर रोज अपना आवागमन इसी रोड से करना पड़ता है इतना ही नहीं एंबुलेंस सहित कई वाहन इसी मार्ग से निकलते हैं कई गांव के लोग हर दिन यहां दैनिक कार्य करने के लिए जाते हैं. इलाज के लिए मरीज आते हैं, लेकिन हर कोई यहां परेशान रहता है. अगर समय रहते इस रोड को सही नहीं किया गया तो आने वाले समय में कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है.
कई बार इस रोड को लेकर मांग भी उठी लेकिन संबंधित विभाग द्वारा सिर्फ खानापूर्ति कर दी जाती है समय-समय पर जनप्रतिनिधियों को इस मार्ग से अवगत करवाया जिसकी आवाज विभाग से लेकर विधानसभा तक गूंजी पर ऐसा लगता है कि संबंधित विभाग के अफसर के कानों तक ये बात नहीं पहुच पाई शायद अधिकारियों को बड़ी घटना का इंतजार है।
भूतड़ा निवासी लोकेश शर्मा ने बताया कि इस रोड को लेकर विभाग को कई बार अवगत करवा दिया लेकिन हाथ लगी तो सिर्फ निराशा उन्होंने बताया कि पुणे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मांग कर बारिश के पहले इस रोड के लिए ठोस कदम उठाया जाए ताकि राह राहगीरों के साथ कोई घटना नहीं घटे।