नीमच। शहर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित बगीचा नंबर 4, 5 और राजीव नगर में कुत्तों के आतंक से रहवासियों में त्राहिमाम मचा हुआ है। बीती शाम से सुबह 11.00 बजे तक कुत्तों ने इन क्षेत्रों में करीब एक दर्जन लोगों को अपने पागलपन का शिकार बनाया है। कुत्तों के निशाने पर 5 से 11 साल तक के बच्चे रहे। जिन्हें कुत्तों ने बुरी तरह नोच खाया। बगीचा नंबर 4, 5 और राजीव नगर में तो हालत इतनी बदतरीन हो गए है कि लोग घरों से निकलने में भयभीत हो रहे हैं।

वॉइस ऑफ़ एमपी की टीम जब कवरेज कर रही थी इस दौरान कुत्ते ने एक बच्चे को काट खाया। खबर बनाने के दौरान पार्षद योगेश के पास एक के बाद एक फोन से कुत्तों के काटने की सूचना आ रही थी। एक ही परिवार के तीन बच्चों को काटने की भी सूचना है। ग्रंथ शर्मा, परिपाल, निया, अर्शिया खान, नादिया, अल्फिया और ऐसे कई मासूम बच्चे है, जिन्हें आवारा और खूंखार कुत्तों ने अपना शिकार बना दिया।

महिमा पाल ने बताया कि कुत्ते ने मेरी पांच साल की बच्ची को पैर, कमर पर काट खाया। डर के मारे जब बच्ची गिरी तो उसका सिर फट गया और टांके लगाने पड़े। एक अभिभावक ने कहा कि यदि हमने समय से नहीं छुड़ाया होता तो आवारा कुत्ता हमारे बच्चे की जान ले लेता। अल्फिया को तो कुत्तों ने काटकर खून में तर-बतर कर दिया। बच्चे डर के मारे भयानक ढंग से सहमे हुए हैं।
रहवासियों ने बताया कि इस घटना के बाद हमने पार्षद योगेश प्रजापति को फोन किया, इसके बाद वह मौके पर तुरंत पहुंच गए। योगेश प्रजापत द्वारा नगरपालिका के अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। सुबह दो कुत्तों को नगर पालिका के कर्मचारियों ने पकड़ा। जिला अस्पताल में कुत्तों के काटने पर इलाज के लिए एक के बाद एक बच्चों की भीड़ जमा हो गई।
इस क्षेत्र के निवासियों का कहना था कि आवारा कुत्तों के आतंक से मुक्ति दिलाने के मामले में नगर पालिका तो कुंभकरण की नींद सो रही है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि जिला प्रशासन और कलेक्टर इस बारे में संज्ञान ले। बच्चों का इस माहौल में खुली हवा में सांस लेना मुहाल हो गया है।
