मंदसौर। शहर के प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाली नीमच निवासी युवती शीतल शर्मा के खिलाफ विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद युवती ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न करने का भरोसा दिलाया है। युवती का यह वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा के ठीक सामने खड़े होकर रील बनाती नजर आ रही है। रील वायरल होते ही भक्तों, जनप्रतिनिधियों, मंदिर समिति और प्रशासन के बीच हलचल मच गई।
विधायक ने की सख्त कार्रवाई की मांग-
विधायक विपिन जैन ने इस कृत्य को गंभीर बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना था, भगवान की प्रतिमा के सामने इस प्रकार की वीडियो बनाना धार्मिक भावना को आहत करता है। मंदिर केवल फोटोशूट या रील निर्माण का स्थान नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा का केंद्र है।
युवती ने सार्वजनिक रूप से मांगी माफी-
विवाद गहराने पर शीतल शर्मा ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने कहा- जितने भी शिव भक्तों को मेरी वीडियो से ठेस पहुंची है, मैं क्षमा मांगती हूं। भविष्य में ऐसी कोई गतिविधि नहीं करूंगी। मेरे द्वारा बनाई गई रील को सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया गया है। शीतल ने मंदिर प्रबंध समिति को लिखित माफीनामा भी सौंपा है, जिसमें उसने कहा, हमें जानकारी नहीं थी कि गर्भगृह में वीडियो बनाना प्रतिबंधित है। कृपया हमारे विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए और हमें क्षमा करें।
मंदिर समिति और एसडीएम लेंगे निर्णय-
मंदिर प्रबंधन ने पुष्टि की है कि माफीनामा प्राप्त हो चुका है। मामले में अंतिम निर्णय मंदिर सचिव और एसडीएम रविंद्र परमार द्वारा लिया जाएगा। वहीं मंदिर के पुजारी राकेश भट्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मंदिर दर्शन और पूजा का स्थान है, रील और फोटोशूट का नहीं। उन्होंने कहा कि गर्भगृह जैसी पवित्र जगह पर इस तरह की गतिविधियां अनुचित हैं।
भाजपा प्रवक्ता और पुजारी ने जताई नाराजगी-
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। श्रद्धा के केंद्रों से इस तरह की रील वायरल होना आस्थावान समाज को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने कलेक्टर से बात कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
समिति की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल-
कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर समिति पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गर्भगृह में फोटो और वीडियो पूरी तरह से प्रतिबंधित है। फिर भी यह वीडियो सामने आना दर्शाता है कि समिति सुरक्षा और नियमों के पालन में विफल रही है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला-
यह पहली बार नहीं है जब मंदिर के गर्भगृह में रील बनाने की घटना हुई हो। इससे पूर्व एक युवक तरुण नामदेव ने भी फिल्मी गाने पर डांस करते हुए गर्भगृह में वीडियो बनाया था। तब भी भारी विरोध के बाद युवक ने लिखित माफी मांगी थी और वीडियो डिलीट कर दिया था।
धार्मिक स्थलों की मर्यादा को लेकर बहस-
मामले ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों की मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है। श्रद्धालु और समाज का एक बड़ा वर्ग मांग कर रहा है कि ऐसे मामलों में केवल माफीनामे पर निर्भर न रहकर स्पष्ट दिशा निर्देशों के साथ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।