BREAKING NEWS
KHABAR : भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे विद्युत.. <<     KHABAR : हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिलेभर में.. <<     REPORT : खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई, 25 किलो.. <<     KHABAR : विभाजन विभीषिका दिवस का आयोजन 14 अगस्त को,.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     REPORT : झाबुआ में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की.. <<     KHABAR : मंदसौर में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा,.. <<     KHABAR : दतिया में स्वतंत्रता दिवस समारोह की.. <<     KHABAR : कंजार्डा में जन अभियान परिषद ने निकाली.. <<     KHABAR : टंट्या भील विश्वविद्यालय में सुविधाओं की.. <<     NEWS : आंजना के निर्देश पर निंबाहेड़ा ब्लॉक.. <<     KHABAR : खरगोन में निकली तिरंगा यात्रा, गूंजे.. <<     KHABAR : कमीशन का झांसा देकर 31 लाख की ठगी, ऑनलाइन.. <<     REPORT : मंदसौर जिले में अब तक 497.6 मिमी औसत वर्षा.. <<     KHABAR : स्वतंत्रता दिवस पर 14 अगस्त को निकलेगी.. <<     NEWS : कनेरा में महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए 481.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 20, 2025, 10:22 am
KHABAR : सिंगोली में फिर बदला सीएमओ का प्रभार, अंकित मांझी हुए मुक्त, रतनगढ़ सीएमओ खेमचंद मुसले ने लिया चार्ज, पढे़ मेहबूब मेव की खबर 

Share On:-

सिंगोली। नगर निकाय से सीएमओ राजकुमार ठाकुर के स्थानांतरण के बाद से पड़ी प्रभार की परंपरा बदस्तूर जारी है।नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से एक बार फिर सिंगोली सीएमओ का प्रभार बदल दिया है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे जारी हुए आदेश के 2 घंटों बाद ही करीब 6 बजे सिंगोली पहुंचे रतनगढ़ सीएमओ खेमचंद मुसले ने वरिष्ठ लेखपाल कपिल सिंह राजावत के हाथों सिंगोली सीएमओ का प्रभार ले लिया है। जबकि आदेश प्राप्ति के बाद कपिल राजावत ने अंकित मांझी को प्रभार मुक्त कर दिया था। हालांकि अंकित मांझी सिंगोली नगर निकाय में मूलतः इंजीनियर के पद पर कार्यरत है, जबकि डीकेन नगर निकाय का प्रभार भी उन्हीं के पास है। सीएमओ खेमचंद मुसले ने चार्ज लेते ही कर्मचारियों से ईकेवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना और कार्यरत कर्मचारियों से संबंधित जानकारियां प्राप्त की।


बतादें कि सिंगोली नगर निकाय में बीते एक साल में 6टी बार सीएमओ का प्रभार बदला गया है। जबकि स्थाई सीएमओ नहीं होने से यहां की सभी विकास योजनाएं ठप्प है। वैकल्पिक रूप से कार्य प्रभार की परंपरा के चलते कोई भी अधिकारी दीर्घकालिक वित्तीय और विकास योजनाओं का जोखिम लेने के लिए तैयार नहीं होते है। ऐसे में निकाय को लगातार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE