BREAKING NEWS
KHABAR : भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे विद्युत.. <<     KHABAR : हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिलेभर में.. <<     REPORT : खाद्य एवं औषधि विभाग की कार्रवाई, 25 किलो.. <<     KHABAR : विभाजन विभीषिका दिवस का आयोजन 14 अगस्त को,.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     REPORT : झाबुआ में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की.. <<     KHABAR : मंदसौर में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा,.. <<     KHABAR : दतिया में स्वतंत्रता दिवस समारोह की.. <<     KHABAR : कंजार्डा में जन अभियान परिषद ने निकाली.. <<     KHABAR : टंट्या भील विश्वविद्यालय में सुविधाओं की.. <<     NEWS : आंजना के निर्देश पर निंबाहेड़ा ब्लॉक.. <<     KHABAR : खरगोन में निकली तिरंगा यात्रा, गूंजे.. <<     KHABAR : कमीशन का झांसा देकर 31 लाख की ठगी, ऑनलाइन.. <<     REPORT : मंदसौर जिले में अब तक 497.6 मिमी औसत वर्षा.. <<     KHABAR : स्वतंत्रता दिवस पर 14 अगस्त को निकलेगी.. <<     NEWS : कनेरा में महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए 481.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
August 20, 2025, 12:28 pm
KHABAR : नई कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचे कुछ अशासकीय शिक्षकों का मामला, शासकीय शिक्षक निजी कोचिंग में व्यस्त, सरकारी स्कूलों में बच्चों का भविष्य अधंकार में, पढे़ खबर 

Share On:-

मुरैना। नई कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचे कुछ अशासकीय शिक्षकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुरैना शहर के कई शासकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक ड्यूटी के बावजूद निजी कोचिंग सेंटर चला रहे हैं। शिक्षक सुबह-शाम कोचिंग में व्यस्त रहते हैं, जिससे वे समय पर विद्यालय नहीं पहुँच पाते।


इस लापरवाही का सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर पड़ रहा है, जिनका भविष्य अधर में लटकता दिखाई दे रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शिक्षा विभाग इस पर जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।


सूत्रों के अनुसार, मुरैना के जीवाजी गंज क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक शासकीय शिक्षक धड़ल्ले से कोचिंग सेंटर चला रहे हैं, जिनमें क्षमता से अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर पढ़ाया जा रहा है। इसको लेकर पहले भी कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।


गौरतलब है कि मुरैना में कई निजी कोचिंग सेंटर भी प्रशासनिक गाइडलाइन की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। नियम तोड़ने के चलते कई घटनाएँ घट चुकी हैं। पुलिस विभाग ने कई बार कोचिंग संचालकों को मीटिंग में बुलाकर हिदायत दी, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।


हाल ही में कलेक्टर ने इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की थी, लेकिन नतीजा शून्य रहा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शिक्षा विभाग और प्रशासन इस पर कब और कैसी कार्रवाई करता है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE