प्रतापगढ़। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री गजेंद्र चंडालिया ने राजस्थान राज्य निर्वाचन अधिकारी को ईमेल भेजकर एसआईआर (SIR) अभियान के दौरान आ रही गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 की मतदाता सूची में कई पुराने मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हैं, जिसके कारण पुनर्निरीक्षण प्रक्रिया में उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
चंडालिया ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम 2002-03 की सूची में नहीं हैं, उन परिवारों की पुत्रियों के नाम भी विवाह के बाद नए स्थान की मतदाता सूची में नहीं जुड़ पा रहे हैं, क्योंकि माता-पिता का EPIC नंबर उपलब्ध नहीं है। इससे कई पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित होने की स्थिति में पहुँच रहे हैं।
उन्होंने राज्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे ईमेल में मांग की है कि 1998 या उससे पूर्व की लोकसभा/विधानसभा मतदाता सूचियों, जिनमें ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, उन्हें पुनर्निरीक्षण (SIR) में मान्यता प्रदान की जाए, ताकि उनका सत्यापन हो सके और वे मतदान अधिकार से वंचित न हों।
चंडालिया ने यह भी आग्रह किया कि जिन युवाओं की आयु 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म संख्या 6 उपलब्ध करवाने की व्यवस्था भी तत्काल की जाए।