रतलाम। उपचार के दौरान बच्चे को सी पेप मशीन से ऑक्सीजन प्रदाय किया गया एवं प्रोटोकॉल अनुसार चिकित्सीय प्रबंधन जारी रखा। अगले दिन बच्चे की खून की जांचे कराई गई एवं बच्चे को आवश्यक उपचार के साथ साथ निगरानी में नली द्वारा कम मात्रा में मां का दूध शुरू किया गया एवं दिन प्रतिदिन दूध पिलाने की मात्रा बढ़ाई गई ।भर्ती के तीसरे दिन से नवजात को ऑक्सीजन देने के साथ साथ ही कंगारू मातृ सुरक्षा देखभाल दी गई।करीब 39 दिन तक बच्चा एस एन सी यू में भर्ती रहा ।सुनीता द्वारा अपने बच्चे को प्रतिदिन 8 से 10 घण्टे कंगारू मदर सुरक्षा देखभाल कराई जाती थी एवं समय समय पर माता द्वारा नर्सिंग ऑफिसर की निगरानी में कटोरी चम्मच से दूध पिलाया जाना शुरू किया गया।
सुनीता पति राहुल निवासी उमेदपुरा ब्लॉक बिलपांक की डिलीवरी 14 सितम्बर को सुबह 5:34 पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में हुई थी । डिलीवरी के बाद बच्चे को अत्यधिक कम वजन और सांस लेने में दिक्कत के चलते शिवगढ़ से एस एन सी यू रतलाम रेफर किया गया था । बच्चे को 14 अक्टूबर को सुबह 6:44 पर नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई रतलाम में भर्ती किया गया, उस समय बच्चे की स्थिति अत्यधिक गंभीर बनी हुई थी ।
डिलीवरी के उपरांत नवजात का वजन केवल 900 ग्राम एवं सांस लेने में भी दिक्कत थी । बच्चे को सिविल सर्जन डॉ एम एस सागर के मार्गदर्शन मे प्रभारी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ ए पी सिंह के नेतृत्व में एस एन सी यू के डॉक्टर एवं नर्सिंग ऑफिसर की टीम द्वारा फैसिलिटी बेस्ड नियो नेटल केयर गाइडलाइंस अनुसार उपचार शुरू किया गया।
नवजात को एस एन सी यू में इन्फेक्शन प्रिवेंशन का भी कड़ाई से पालन किया गया। इसी बीच में नवजात की आंखों का भी परीक्षण आर ओ पी किया गया जो की नॉर्मल रहा। नवजात का पूरी तरह स्वस्थ होने, वजन में वृद्धि एवं माता द्वारा दूध एवं अन्य देखभाल में सक्षम होने उपरान्त 22 नवंबर को डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन 1.4kg था।
बच्चे के परिजनों ने एस एन सी यू के समस्त डॉक्टर एवं नर्सिंग ऑफिसर एवं सफाई कर्मियों का आभार व्यक्त किया। नवजात के इलाज में डॉ अरविन्द परमार, डॉ प्रतीक आर्य, डॉ रोहित पाटीदार, नर्सिंग ऑफिसर ज्योति, बाली, राधा, निर्मला, उमा, लाली, निशा, अपर्णा, सलमा,सोनाली,रिंकी आदि की मुख्य भूमिका रही।