प्रतापगढ़। शहर में शनिवार को एक हृदय विदारक घटना सामने आई। गोपालपुरा में तालाब खेड़ा के पीछे स्थित खाली पड़े क्षेत्र में मिट्टी में दफनाया हुआ एक नवजात लड़का मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने ताज़ा खोदे गए गड्ढे में नवजात का शरीर देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरज सेन ने जांच कर उसे मृत घोषित किया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि नवजात पूर्ण अवधि का था और उसका वजन लगभग 2 किलो 170 ग्राम था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस व चिकित्सा अधिकारियों ने गहन जांच प्रारंभ की। अस्पताल रिकॉर्ड और पूछताछ के बाद बड़ा खुलासा हुआ कि नवजात का जन्म उसी दिन जिला अस्पताल में हुआ था और जन्म के समय ही वह मृत था।
दुख और भय के कारण परिजन नवजात को अपने साथ ले गए और गोपालपुरा के सुनसान क्षेत्र में गड्ढा खोदकर दफना दिया। स्थानीय लोगों को जब यह संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नवजात को बाहर निकलवाया और जांच के लिए अस्पताल भिजवाया।
अस्पताल रिकॉर्ड के मिलान और पूछताछ के बाद पुलिस ने पुष्टि की कि नवजात मृत अवस्था में ही पैदा हुआ था। सभी तथ्य स्पष्ट होने पर परिजनों को बुलाकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करवाई गईं। फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में परिजनों को नवजात को पुनः विधिसम्मत दफनाने की अनुमति दे दी गई है।
इस घटना के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरज सेन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में नवजात चाहे जीवित हो या मृत को खुले में न छोड़ें। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में पालना गृह सहित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध है, जिससे ऐसे मामलों को मानवीय, सुरक्षित और नियम अनुसार संभाला जा सके।