बड़वानी। भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय पाटी में प्राचार्य डॉ. परवेज मोहम्मद के मार्गदर्शन में तनाव प्रबंधन विषय पर उपयोगी कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम उच्च शिक्षा विभाग और माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा गठित एनटीएफ के निर्देशों के तहत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण हेतु आयोजित किया गया।
प्राचार्य डॉ. परवेज मोहम्मद ने बताया कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा गठित एनटीएफ ने विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने, तनाव कम करने की व्यवस्था बनाने और सुरक्षित एवं सहयोगी वातावरण तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन्हीं दिशा-निर्देशों के अनुपालन में महाविद्यालय में यह कार्यशाला आयोजित की गई, ताकि विद्यार्थियों को तनाव से निपटने के व्यावहारिक उपाय प्राप्त हो सकें।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता कालू सिंह तड़वाल, एचआईवी काउंसलर, शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी, मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही तनाव प्रबंधन की कुंजी है। उन्होंने पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दबाव में समय-समय पर छोटे ब्रेक लेना तथा अपनी रुचि के कार्यों में समय देना मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी समस्या को मन में न रखें, बल्कि परिवार, मित्रों या शिक्षकों से खुलकर बात करें। तड़वाल ने एचआईवी/एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाई और इसके बचाव एवं निःशुल्क उपचार सुविधाओं की जानकारी भी दी।
प्राचार्य डॉ. परवेज मोहम्मद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में नैतिक मूल्यों का निर्धारण और मोबाइल सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित एवं सकारात्मक उपयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने संगीत सुनने, छोटे लक्ष्य निर्धारित करने और अपनी रुचि के कार्यों में समय देने जैसे उपाय सुझाए।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य क्लब का गठन किया गया है तथा परिसर को नशा-मुक्त और रैगिंग-मुक्त घोषित किया गया है। विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य मार्गदर्शिका भी परिसर में प्रदर्शित की गई है।
कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी प्रो. दिनेश ब्राह्मणे ने किया और विद्यार्थियों से तनावमुक्त जीवनचर्या अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रो. जया न्यावत, प्रो. राजू ओसारी, डॉ. भारत सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। जगदीश कनसिंह, विक्रम, शिवजी और सखाराम ने सहयोग प्रदान किया।