BREAKING NEWS
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG REPORT : सड़क हादसों में जान बचाने के लिए नीमच.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मन्दसौर.. <<     NEWS : हरियालो राजस्थान अभियान के तहत कपासन में 110.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : समान नागरिक संहिता पर जिला स्तरीय.. <<     NEWS : सेवा शिविरों में मिली बड़ी राहत, मौके पर.. <<     NEWS : 1 जुलाई से शुरू होगा भेड़ निष्क्रमण, 1.15 लाख.. <<     NEWS : 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिलेभर में.. <<     NEWS : श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर राजा.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     NEWS : एडीजी (प्रशिक्षण) राघवेंद्र सुहास का दो.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : नीमच में प्राकृतिक खेती विषयक जिला.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : मालवा के नीमच में झमाझम, भारी उमस के बाद.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : मजदूर परिवारों के बीच पहुंचे कांग्रेस.. <<     BIG NEWS : नगर का नाम रोशन कर सीए बने चर्चित बसेर,.. <<     खरगोन में जलसंकट पर फूटा किसानों का.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
November 23, 2025, 4:46 pm
KHABAR : दिवाड़ी-गोठान महोत्सव, आदिवासी परंपराओं की दिखी झलक, जिला स्तरीय आयोजन में पारंपरिक नृत्य और वाद्ययंत्रों ने बढ़ाया उत्साह, पढे़ खबर 

Share On:-

बैतूल। आदिवासी गायकी व ठाठिया (गोंड) समाज संगठन और समस्त आदिवासी समाज, बैतूल ने जिला स्तरीय दिवाड़ी-गोठान सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत पड़ा पेन ठाना से पारंपरिक जुलूस के साथ हुई, जिसमें जिलेभर से ठठिया समाज के लोग शामिल हुए।


जुलूस में महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पूरे रास्ते पारंपरिक नृत्य, बांसुरी, घुंघरू और सींग से बने वाद्ययंत्रों की धुनें गूंजती रहीं। कौड़ियों से बने परिधान और ठठिया नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। शिवाजी चौक पर समाज के लोगों ने पारंपरिक गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ उत्सव का आनंद लिया।


जुलूस के बाद ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें समाज के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति का प्रदर्शन किया। इससे पूर्व, ग्राम टेमनी में गोधूनी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था, जिसमें भगत भूमिका ने भाग लिया था।


यह महोत्सव जिले में सामाजिक एकता और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण का प्रतीक बना। आदिवासी समाज और उससे जुड़े घटक दिवाड़ी पर्व के अवसर पर पूरे एक माह तक विभिन्न स्थानों पर ऐसे उत्सवों का आयोजन करते हैं।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE