खरगोन। जिले के महेश्वर के ग्राम गांधीनगर में मृत्यु का दुखद लेकिन अनोखा संयोग देखने को मिला। यहां पर पहले पति की मृत्यु के बाद वियोग के कारण पत्नी का भी निधन हो गया। निधन के बाद दंपती की अर्थी एक साथ उठाते हुए एक ही चिता पर दंपती को मुखाग्नि दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गांधीनगर में भारूड समाज के वरिष्ठ समाजसेवी नवल पटेल उम्र 73 वर्ष शनिवार ग्राम खलघाट मोरघडी में अपने बड़े बेटे संतोष पटेल के ससुराल पक्ष में शादी में गए। वहा दोपहर 3 बजे के लगभग ह्रदय घात के कारण उनका निधन हो गया। जैसे ही मृतक नवल पटेल के पार्थिव शरीर वहा से ग्राम गांधीनगर घर शाम 7 बजे लाया गया और उनकी पत्नी सलिता बाई पटेल उम्र 70 वर्ष को जानकारी लगी तो उन्हे गहरा आघात पहुंचा और वह पार्थिव शरीर को देखते ही बेहोश हो गए। जिसके बाद सलिता बाई को हॉस्पिटल ले जाया गया। जहा डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित किया। पटेल दंपती के निधन का समाचार लगते ही परिजनों, रिश्तेदारों, भारूड़ समाज और आस पास के क्षेत्र में शौक की लहर दौड़ गई ।
दो अर्थी एक साथ उठाई गई
रविवार दोपहर में पटेल दंपती की शव यात्रा उनके घर से एक साथ उठाई गई। पहले पति की अर्थी बाद में पत्नी की अर्थी उठाई गई। ग्राम के मुख्य मार्गों से निकली शव यात्रा में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष समाजजन, रिश्तेदार और मिलने वाले पहुंचे। यहां हर कोई गम गिन नजर आ रहा था। ग्राम के ही नर्मदा तट पर तट पर एक ही चिता पर पटेल दंपती को गायत्री परिवार के द्वारा विधि विधान बड़े बेटे संतोष पटेल ने मुखाग्नि दी।
हसमुख और मिलन सार थे नवल पटेल
ग्राम के संजय यादव मालविया ने बताया की समाजसेवी नवल पटेल बड़े ही हसमुख व्यक्तित्व के धनी थे और हमारे ग्राम के आधार स्तंभ थे। उनकी शादी काकी सलिता बाई पटेल से लगभग 50 वर्ष पूर्व हुई थी । दोनो में अटूट प्रेम था। यह बहुत ही दुखद घटना हुई । ग्राम के दशरथ यादव ने बताया की हमारे काका नवल पटेल मिलनसार व्यक्तित्व के धनी दे । काका और काकी का यू जाना पूरे गांव के लिए अपूर्णीय छती है। भारूड़ समाज ओंकारेश्वर धर्मशाला के अध्यक्ष जितेंद्र पटेल ने कहा की पटेल दंपती का एक साथ यू चले जाना पटेल परिवार और पूरे भारूड समाज के लिए अपूर्णीय छती है । मेरी नजर में पति पत्नी एक साथ एक ही दिन कुछ घंटे के अंतराल में निधन का यह पहला मामला है।