प्रतापगढ़/हैदराबाद। भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रतापगढ़ की विश्व-विख्यात थेवाकला (काँच पर स्वर्ण कारीगरी) की भूरि-भूरि प्रशंसा की। राष्ट्रपति मुर्मू ने यह सराहना तेलंगाना के हैदराबाद में 23 नवंबर को आयोजित भारत के सबसे बड़े भारतीय कला महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त की।
भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में पश्चिम भारत- गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, दादरा नगर हवेली और दमन-दीव की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में देशभर के प्रमुख कलाकारों के साथ प्रतापगढ़ के युवा एवं उभरते थेवा कलाकार जितेश सोनी की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
राष्ट्रपति मुर्मू ने थेवाकला को बड़ी जिज्ञासा से देखा और कलाकार जितेश सोनी से इसकी बारीकियों एवं इतिहास की जानकारी ली। उन्होंने सोनी के द्वारा थेवाकला को संरक्षित और प्रोत्साहित करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रदान कीं।
कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, गोवा के राज्यपाल अशोक गजपति राजू, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी भी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने थेवाकला की कलात्मक गहराई और आधुनिक अभिव्यक्ति के अनूठे संगम की प्रशंसा की तथा इस कला को वैश्विक मंच तक पहुँचाने हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।