खरगोन। जिले के कसरावद के भारतीय किसान संघ तहसील कसरावद द्वारा ग्राम जलखा स्थित नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की बलकवाड़ा माइक्रो सिंचाई परियोजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में बलकवाड़ा पंप हाउस क्रमांक-01 पर किसान संघ के नेतृत्व में शुक्रवार को बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में एसडीएम सत्येंद्र बेरवा, तहसीलदार कैलाश डामर, वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी बीएस सैगर, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के कार्यपालन यंत्री एस.एस. अलावा, सहायक यंत्री एस.आर. डावर सहित विभागीय टीम मौजूद रही।
किसानों का कहना हे कि 2018 में शुरू, 2023 में पूरा होना था काम जो कि आज तक नहीं हो पाया है वहीं किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि माइक्रो सिंचाई परियोजना का कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, जिसे वर्ष 2023 तक पूर्ण किया जाना था। अधिकारियों के अनुसार कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वर्ष 2025 तक भी 50 प्रतिशत काम पूरा नहीं हो पाया है।
किसानों का कहना है कि कई स्थानों पर खेतों में पेटी लगने के बावजूद पानी नहीं पहुंच रहा है। कई किसानों के खेतों में पाइप लाइन टूटी पड़ी है, जबकि अनेक किसानों तक अब तक सिंचाई के लिए पानी ही नहीं पहुंचा है। इसको लेकर परियोजना कृषक कैंप के दौरान सैकड़ों किसानों ने आधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी और किसानों में काफी आक्रोश नजर आया क्योंकि पाइपलाइन की गहराई पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
किसान संघ ने आरोप लगाया कि खेतों में पाइपलाइन के लिए की गई खुदाई मात्र 6 इंच से 1 फीट तक ही की गई है, जो तकनीकी मानकों के विपरीत है। इसे लेकर करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई जा रही है। किसान संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाए।
8 दिन का अल्टीमेटम भी दिया है जिसमें किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 8 दिनों के भीतर कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया और सुधार नहीं हुआ, तो संगठन के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।