बड़वानी। पलसूद नकली नोटों के ज़रिए देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला करने वाले गिरोह का पलसूद पुलिस ने सनसनीखेज़ खुलासा किया है। कलर प्रिंटर से ₹500 के नकली नोट छापकर बाजार में खपाने की साजिश रच रहे दो आरोपियों को पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन सहित दबोच लिया मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद थाना प्रभारी सुखलाल भंवर ने बिना समय गंवाए विशेष टीम गठित की। 7 जनवरी को पलसूद क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपियों को उसी वक्त पकड़ लिया गया, जब वे नकली नोट चलाने की फिराक में थे। वाहन की तलाशी में ₹500 के 50 हजार रुपये के जाली नोट बरामद हुए गिरफ्तार आरोपियों भागीराम कनोजे और गोविंद बंदोड से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी भागीराम कनोजे ने कबूल किया कि उसने कलर प्रिंटर के जरिए नकली नोट तैयार किए। हैरानी की बात यह है कि आरोपी सिलावद में कियोस्क सेंटर संचालित करता था और उसी आड़ में जाली नोटों का नेटवर्क खड़ा कर रहा था पलसूद थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर ने बताया कि पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी के पास से अतिरिक्त नकली नोट भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह जाली नोट कहां-कहां खपाए गए और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल है इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी सुखलाल भंवर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक राजेंद्र सोलंकी, सहायक उपनिरीक्षक जगदीश कल में, सहायक उपनिरीक्षक सचिन ठाकुर, प्रधान आरक्षक सुनील धुर्वे, मोहन गणावा एवं आरक्षक रवि कुमार चौहान की भूमिका सराहनीय रही।