सरवानियां महाराज। किसानों की पीड़ा को उजागर करता यह लेख किसी विपक्षी नेता का नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े एक किसान नेता का है। मोड़ी गांव निवासी भाजपा नेता राजू नागदा ने बिजली आपूर्ति के मौजूदा शेड्यूल को लेकर सोशल मीडिया पर खुलकर नाराजगी जताई है। उनका फेसबुक पोस्ट इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं जावद जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष रहे राजू नागदा ने एक किसान के रूप में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा है कि आज़ादी के लगभग 80 वर्ष बाद भी किसानों की हालत में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। किसान हितों की बातें केवल मंचों, पंपलेटों और पोस्टरों तक ही सीमित रह गई हैं, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।
राजू नागदा ने लिखा कि रबी सीजन के दौरान कड़ाके की ठंड में किसानों को अर्धरात्रि में सिंचाई के लिए मजबूर किया जा रहा है। खेतों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है, बावजूद इसके रात दो बजे से सुबह छह बजे तक बिजली देने का शेड्यूल तय किया गया है। ऐसे में सवाल यह है कि किसान आखिर सुरक्षित तरीके से खेती कैसे करें?
उन्होंने अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार में अफसरशाही अंग्रेजी हुकूमत की तरह हावी हो गई है। कार्यालयों में बैठकर मनमाने ढंग से बनाए जा रहे बिजली शेड्यूल किसानों के मानसिक और शारीरिक शोषण का कारण बन रहे हैं।
राजू नागदा ने लिखा कि वर्तमान समय में फसलों में फूल-फल आ रहे हैं और सिंचाई अत्यंत आवश्यक है। दिन में सिंचाई के दौरान जहां जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता है, वहीं रात में अंधेरे में यह खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे तुगलकी फरमानों से किसानों में भारी आक्रोश है। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो किसानों का रोष कभी भी विस्फोटक रूप ले सकता है।
अपनी फेसबुक पोस्ट के अंत में राजू नागदा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा मध्यप्रदेश, एमपीईबी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सांसद सुधीर गुप्ता एवं ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को टैग करते हुए इस समस्या के समाधान की मांग की है। इस पोस्ट को बड़ी संख्या में किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं का समर्थन मिल रहा है।
कौन हैं राजू नागदा-
राजू नागदा मोड़ी गांव के निवासी हैं। कांग्रेस शासनकाल में जब प्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और जावद विधानसभा से स्वर्गीय घनश्याम पाटीदार विधायक व कैबिनेट मंत्री थे, उस समय राजू नागदा आमजन की समस्याओं को लेकर सड़कों पर संघर्ष करते रहे। दूध व्यवसाय से जुड़े रहते हुए भी उन्होंने जनहित के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई।
संघर्षों के चलते वे भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने, बाद में जनपद सदस्य और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रहे। वे भाजपा जिला उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं। उनके राजनीतिक जीवन की पहचान यह रही है कि अन्याय चाहे विपक्ष की सरकार में हो या अपनी सरकार में, वे किसानों और आमजन के हितों के लिए आवाज उठाने से पीछे नहीं हटते।