नीमच। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत देश का 80वां और लगातार नौवां केंद्रीय बजट 2026 रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक निवेश का स्पष्ट रोडमैप सामने रखता है। करीब 85 मिनट के बजट भाषण में सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, टियर-2 व टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ का प्रावधान, तीन आयुर्वेदिक एम्स, पांच मेडिकल हब तथा शिक्षा संस्थानों में कंटेंट क्रिएटर लैब जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
हालांकि आयकर स्लैब में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होने से मध्यम वर्ग को सीधी कर राहत नहीं मिल सकी, जिससे आम करदाताओं में कुछ निराशा भी देखने को मिली। वहीं रक्षा बजट को बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ करने के निर्णय को सरकार ने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर आवश्यक बताया है।
नीमच में बजट को लेकर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई नजर आईं। पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू ने बजट को घोषणात्मक बताते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर सवाल हैं और क्षेत्रीय विकास की स्पष्ट दिशा दिखाई नहीं देती। दूसरी ओर चार्टर्ड अकाउंटेंट पीयूष कड़ावत ने टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयासों को सकारात्मक बताया, लेकिन कहा कि आम नागरिक को इससे तत्काल आर्थिक राहत नहीं मिलेगी।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष एवं कर सलाहकार निलेश पाटीदार ने बजट को संतुलित और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि कृषि, स्टार्टअप, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण पर फोकस भविष्य में मजबूत आर्थिक आधार तैयार करेगा। वहीं गृहिणियों और युवाओं ने महंगाई और रोजगार को लेकर ठोस राहत पैकेज की कमी महसूस की।
कुल मिलाकर बजट 2026 में दीर्घकालिक विकास और संरचनात्मक मजबूती पर विशेष जोर दिखाई देता है, लेकिन तात्कालिक राहत के मोर्चे पर आम जनता की अपेक्षाएं पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो सकीं।
इस अवसर पर नीमच स्थित भाजपा कार्यालय तपोभूमि में केंद्रीय बजट प्रस्तुतीकरण का सीधा प्रसारण देखा गया, जिसमें विधायक दिलीप सिंह परिहार, भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल सहित पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।