नीमच। प्रदेश की प्रमुख लहसुन मंडियों में शामिल नीमच कृषि उपज मंडी में आज लहसुन की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई। सुबह से ही मंडी परिसर में ट्रैक्टर-ट्रॉली और वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। अनुमान के मुताबिक करीब 25 हजार बोरी लहसुन मंडी पहुंची।
भावों में नरमी से बढ़ी चिंता
बंपर आवक के कारण कीमतों में गिरावट देखने को मिली। सुबह की नीलामी में लहसुन 5000 से 8000 रुपए प्रति क्विंटल बिका, जबकि चुनिंदा बेहतर क्वालिटी के ढेर अधिकतम 9500 रुपए तक पहुंचे। किसानों का कहना है कि मौजूदा दरें लागत की भरपाई भी नहीं कर पा रहीं।
किसानों के अनुसार इस बार बीज, सिंचाई, खाद, दवा और मजदूरी पर भारी खर्च आया है। नई और गीली लहसुन की अधिकता से बाजार पर दबाव बना हुआ है। उनका कहना है कि न्यूनतम 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर भाव मिलने पर ही खेती लाभकारी हो सकेगी।
मंडी व्यवस्था पर सवाल
आवक ज्यादा होने से व्यवस्थागत समस्याएं भी सामने आईं। किसानों ने आरोप लगाया कि वाहनों की लाइन में पारदर्शिता नहीं हैकृदेर से आने वाले वाहनों का माल पहले बिक रहा है, जबकि पहले पहुंचे किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
किसानों ने लहसुन के निर्यात को बढ़ावा देने, मंडी में पारदर्शी व्यवस्था लागू करने और उचित समर्थन मूल्य जैसी व्यवस्था की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर कदम नहीं उठाए गए तो उत्पादक हतोत्साहित होंगे।
बंपर उत्पादन जहां क्षेत्र की खेती की क्षमता दिखाता है, वहीं उचित दाम न मिलना अन्नदाता की चिंता बढ़ा रहा है।