आगर मालवा। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगर-मालवा डीएस चौहान के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में अनुसूचित जाति पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास, आगर-मालवा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि मोनिका यादव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए समयबद्धता एवं अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की जानकारी होना भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। इस दौरान छात्राओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी फारूक अहमद सिद्दीकी ने निःशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था, नालसा जागृति योजना 2025 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षिका सहित महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राएं उपस्थित रहीं। शिविर का उद्देश्य छात्राओं को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना एवं न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना रहा।