इंदौर। घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशों के बाद पिछले 10 दिनों में खाद्य और आपूर्ति विभाग ने 92 प्रकरण दर्ज कर 300 से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। वहीं आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करते हुए रिकॉर्ड 3.63 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी कराई गई है।
गैस की कृत्रिम कमी बताकर की जा रही कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन लगातार छापामार कार्रवाई कर रहा है। इसके लिए स्पेशल टीम लगाकर फुटकर व्यापारियों और अवैध रूप से सिलेंडर बेचने वालों पर नजर रखी जा रही है।
रेसीडेंसी कोठी में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
आपूर्ति बढ़ाकर कालाबाजारी पर अंकुश
सामान्यतः 10 दिनों में जिले में करीब 2.60 लाख घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी होती थी, लेकिन इस बार रिकॉर्ड 3.63 लाखसिलेंडर वितरित किए गए, जो लगभग एक लाख अधिक है। प्रशासन का मानना है कि आपूर्ति बढ़ाने से कालाबाजारी की गुंजाइश कम हुई है। साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को कमर्शियल सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिकायतों पर 24 घंटे में कार्रवाई अनिवार्य
हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निराकरण करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रतिदिन की रिपोर्ट जिला आपूर्ति कार्यालय को देने की व्यवस्था की गई है, ताकि निगरानी में किसी प्रकार की ढिलाई न रहे।
पाइप लाइन कनेक्शन बढ़ाने पर जोर
अवंतिका गैस पाइप लाइन के माध्यम से घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले 10 दिनों में 600 घरेलू और 111 कमर्शियल पाइप लाइन कनेक्शन जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि जहां पाइप लाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन देकर सिलेंडर पर निर्भरता कम की जाए और एक सप्ताह के भीतर प्रक्रिया पूरी की जाए। प्रशासन की इस सख्ती से गैस की कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप है, वहीं उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।