चित्तौड़गढ़। जिले के सैनिक स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्रों को शनिवार को भावभीनी विदाई समारोह में सम्मानित किया गया। शंकर मेनन सभागार में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि स्कूल के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र कुमार बंसीवाल, एवीएसएम थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया उपस्थित रहे। उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल पारुल श्रीवास्तव और कार्यवाहक सीनियर मास्टर राकेश रामपुरिया ने अतिथियों का स्वागत किया।
सांस्कृतिक और भावनात्मक कार्यक्रम
समारोह की शुरुआत में ग्यारहवीं कक्षा के छात्रों द्वारा बारहवीं कक्षा के छात्रों का पारंपरिक और सौहार्दपूर्ण स्वागत किया गया। कैडेट्स मिनिषा चौधरी ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया, जबकि स्कूल वाइस कैप्टन मधुसुदन सिंह राठौड़ ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। स्कूल कैप्टन मयंक विश्वकर्मा, कैडेट्स नवरतन सिंह और विकास थोलिया ने स्कूल में बिताए सात वर्षों के अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने नृत्य और समूह गीत की विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। इसके अलावा, कैडेट्स के स्कूल जीवन की यादों पर आधारित एक डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई।
सम्मान और पुरस्कार वितरण
मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र कुमार बंसीवाल, एवीएसएम ने कैडेट्स विकास थोलिया, अनुराग थालोर, मयंक विश्वकर्मा और अनिल कुमार को एनडीए अवार्ड प्रदान किया। प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया और कैंपस की प्रथम महिला मोनिका जसरोटिया ने स्कूल कैप्टन और अन्य कैडेट्स को स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। सैनिक स्कूल अलुमनी संस्थान के सदस्यों ने उन कैडेट्स को भी सम्मानित किया जिन्होंने विभिन्न माध्यमों से सशस्त्र बलों में शामिल होकर स्कूल का नाम रोशन किया।
मुख्य अतिथि का संदेश
लेफ्टिनेंट जनरल बंसीवाल ने छात्रों की कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल ने न केवल शिक्षा, बल्कि जीवन के मूल्य भी सिखाए हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत, जुनून और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा पर महारत हासिल करने, नई चीज़ें सीखने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
समारोह का समापन कैडेट परीक्षित द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।