नीमच। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी अविवादित नामांतरण प्रकरण समय-सीमा से बाहर न जाए। उन्होंने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के कलेक्टर, एसपी एवं विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान, गेहूं उपार्जन तैयारियों, उर्वरक, पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की उपलब्धता व वितरण की विस्तार से समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि उर्वरक का वितरण ई-विकास प्रणाली और ई-टोकन के माध्यम से ही किया जाए तथा प्रदेश में ईंधन व गैस की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
गेहूं उपार्जन को लेकर अधिकारियों को किसानों के पंजीयन सत्यापन शीघ्र पूर्ण करने और एफएक्यू मानक के अनुसार ही खरीदी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने एमपी ई-सेवा पोर्टल/एप के प्रति आमजन को जागरूक करने पर जोर देते हुए बताया कि इसके माध्यम से 970 से अधिक शासकीय सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। साथ ही समग्र ई-केवाईसी कार्य अप्रैल माह में अभियान चलाकर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सभी आवेदन समय-सीमा में निपटाने तथा अविवादित नामांतरण प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वामित्व योजना के तहत चयनित गांवों में ग्राउंड ट्रुथिंग का कार्य 10 अप्रैल तक पूरा करने को कहा गया।
नीमच के एनआईसी कक्ष में आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, एसपी अंकित जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, एडीएम बी.एस. कलेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।