चित्तौड़गढ़। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुधवार को जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में जिला कलक्ट्रेट के समिति कक्ष में आयोजित हुई।
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के प्रारंभ में पिछली बैठक के निर्णयों की अनुपालना की समीक्षा की गई।
इसके पश्चात ई-डीएआर (e-DAR) विश्लेषण, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान एवं ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने लंबित ई-डीएआर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहर में भारी वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने के लिए प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक लागू नो-एंट्री व्यवस्था की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रवर्तन कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी लेते हुए नशे में वाहन चलाने वालों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों तथा थानावार दुर्घटना रिपोर्ट की समीक्षा की। पुलिस विभाग को विशेष अभियान चलाकर यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों की सीमा में किए गए अवैध निर्माणों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी एवं संबंधित विभागों को हाईवे का सेफ्टी ऑडिट कराने, अवैध कट बंद करने तथा ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
जिला कलक्टर ने हाईवे किनारे ढाबों पर अनियंत्रित पार्किंग रोकने, दुर्घटना संभावित स्थलों पर हाईमास्ट लाइट एवं साइन बोर्ड लगाने तथा विद्यालयों के आसपास सुरक्षा उपाय सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही रोडसाइड प्लांटेशन बढ़ाने एवं स्कूल वाहनों की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित करने को कहा।
हिट एंड रन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए पीड़ितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने तथा क्लेम प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा विभाग को सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, वहीं जिला परिवहन अधिकारी को वाहन चालकों की नियमित नेत्र जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आमजन से अपील की कि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल 112 पर सूचना दें, ताकि “गोल्डन ऑवर” में उपचार देकर जनहानि को कम किया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) प्रभा गौतम, जिला परिवहन अधिकारी, अधीक्षण अभियंता (पीडब्ल्यूडी), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।