चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस की विशेष टीम (डीएसटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के एक प्रकरण में वांछित ₹10 हजार के इनामी आरोपी को मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अपनी पहचान छिपाकर दलोदा क्षेत्र में एक पंचर की दुकान पर काम कर रहा था।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि डीएसटी प्रभारी पुलिस निरीक्षक जोधाराम के निर्देशन में एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। मुखबिर से सूचना मिली कि थाना कनेरा के एनडीपीएस मामले में वांछित आरोपी बसंतीलाल पुत्र शिवनारायण कुमावत, निवासी नांदवेल, थाना भावगढ़ (जिला मंदसौर), दलोदा के आसपास भेष बदलकर रह रहा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी अफीम डोडा चूरा और एमडी की खरीद-फरोख्त के लिए अपना मोबाइल सिम कार्ड उपलब्ध कराता था और इसके बदले मोटी रकम वसूल करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने खुद मोबाइल फोन रखना भी बंद कर दिया था और अपनी पहचान छिपाकर पंचर की दुकान पर काम कर रहा था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की प्रेमिका के मोबाइल नंबर को तकनीकी निगरानी में लिया। पता चला कि आरोपी अपनी दुकान पर आने वाले लोगों के मोबाइल फोन से उससे बातचीत करता था। इसी तकनीकी सुराग के आधार पर डीएसटी टीम ने दलोदा चौराहे स्थित पंचर की दुकान पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
इस कार्रवाई में थाना भावगढ़ (मंदसौर) के एएसआई हीरालाल अटोरिया का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। आरोपी को नियमानुसार आगे की कार्रवाई और अनुसंधान के लिए पुलिस थाना विजयपुर के सुपुर्द कर दिया गया है।