चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला परिषद सभागार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय पाठक सहित जिले के सभी विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिला कलक्टर ने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र परिवारों को योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने 125 दिवस रोजगार गारंटी, ग्राम पंचायत विकास योजना (वीजीपीपी), बेरोजगार परिवारों के लिए प्रावधान, समय पर मजदूरी भुगतान एवं विलंब होने पर देय मुआवजा सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। साथ ही वीजीपीपी के अंतर्गत विभिन्न विभागीय योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन एवं तकनीक आधारित सशक्त मॉनिटरिंग पर भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने बुआई एवं कटाई के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों की उपलब्धता के अनुरूप कार्यों की प्रभावी योजना बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत विभिन्न श्रेणी के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इनमें जल सुरक्षा से संबंधित 107 कार्य, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना के 90 कार्य, आजीविका परिसंपत्तियों के 86 कार्य तथा आपदा न्यूनीकरण के 35 कार्य शामिल हैं। जिला कलक्टर ने इन सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वामित्व योजना, एसएफसी एवं एफएफसी मद, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना तथा संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया तथा योजनावार कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।