BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : नहीं रही कैलाशी बाई सेन, परिवार में शोक.. <<     BIG NEWS : त्योहारों से पहले गरोठ में प्रशासन की.. <<     KHABAR : रोशनी के पर्व पर नीमच के प्रशासनिक मुखिया.. <<     BIG NEWS : नीमच में अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी.. <<     KHABAR : दीपावली पर्व को लेकर शाजापुर पुलिस पूरी.. <<     KHABAR : मुरैना में मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक.. <<     KHABAR : कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में.. <<     KHABAR : दीपों के महापर्व पर जनप्रतिनिधियों का.. <<     KHABAR : स्वामित्व अभिलेख पंजीयन में शत-प्रतिशत.. <<     KHABAR : ​​​​​​​धनतेरस और दीपोत्सव पर प्रभारी.. <<     BIG NEWS : टीएल में पहुंची शिकायत तो हरकत में आया.. <<     KHABAR : मलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का.. <<     त्योहारों से पहले देवास में मिलावटखोरों पर.. <<     KHABAR : धनतेरस पर दमका बाजार, ग्राहकों से गुलजार.. <<     KHABAR : मुरार जिला अस्पताल के आउटसोर्स सफाई.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 31, 2026, 12:01 pm
KHABAR : मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की जिला स्तरीय बैठक संपन्न, जनसुविधा एवं प्रशासनिक सुगमता को केंद्र में रखकर होगा प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन, पढ़े खबर 

Share On:-

नीमच। प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुलभ, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की जिला स्तरीय बैठक गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस एस.एन. मिश्रा, सदस्य मुकेश शुक्ला तथा सचिव अक्षय कुमार सिंह ने जिले के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशासनिक पुनर्गठन एवं युक्तियुक्तकरण की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और प्रस्तावों की प्रक्रिया से अवगत कराया। बैठक के अंत में अधिकारियों से जिले की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशासनिक पुनर्गठन संबंधी सुझाव भी आमंत्रित किए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए आयोग के अध्यक्ष एसएन मिश्रा ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि आयोग का उद्देश्य केवल नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन करना नहीं है, बल्कि आमजन को सरल, त्वरित एवं पारदर्शी प्रशासन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि तहसील, विकासखंड तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं, मुख्यालयों एवं पद संरचना का वैज्ञानिक आधार पर पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए भौगोलिक दूरी, आवागमन की सुविधा, जनसंख्या घनत्व, आदिवासी क्षेत्र, प्राकृतिक सीमाएं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत एवं पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं को प्रमुख मानदंड बनाया जाएगा।

मिश्रा ने निर्देश दिए कि यदि किसी संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि से प्रशासनिक पुनर्गठन संबंधी कोई प्रस्ताव प्राप्त होता है, तो उसकी कलेक्टर स्तर पर समुचित जांच कराई जाए। आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली के अनुरूप प्रस्ताव पूर्ण कर परीक्षण उपरांत आयोग को प्रेषित किया जाए।

आयोग के सदस्य मुकेश शुक्ला ने बताया कि प्रशासनिक पुनर्गठन प्रक्रिया में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा ऑनलाइन पोर्टल एवं प्रश्नावली की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। इसके माध्यम से आम नागरिक, सामाजिक संस्थाएं एवं जनप्रतिनिधि अपने सुझाव सीधे आयोग तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने बताया कि जिला एवं अनुविभाग स्तर पर बैठकों, विभागीय समीक्षा तथा नियमित फॉलोअप की व्यवस्था भी की गई है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक एवं जनहितकारी निर्णय लिए जा सकेंगे।

उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रशासनिक सुधारों एवं पुनर्गठन के सुझाव कलेक्टर के माध्यम से आयोग को भेजें। आयोग सभी प्राप्त सुझावों का गहन परीक्षण कर अपनी अंतिम अनुशंसाएं राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।

आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासनिक युक्तियुक्तकरण से शासन की सेवाओं की पहुंच गांवों तक और अधिक सुलभ होगी। नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे समय एवं आर्थिक संसाधनों की बचत होगी। उन्होंने कहा कि नई प्रशासनिक व्यवस्था से राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था एवं जनसुनवाई प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी तथा सेवा वितरण व्यवस्था में गति आएगी।

बैठक में बताया गया कि आयोग द्वारा निर्धारित प्रश्नावली वेब पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दी गई है। कोई भी व्यक्ति, संस्था, समिति अथवा जनप्रतिनिधि यदि किसी प्रशासनिक इकाई के युक्तियुक्तकरण, विलोपन अथवा नवीन सृजन संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकता है। आयोग स्तर पर सभी प्रस्तावों की समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में यह भी बताया गया कि नीमच जैसे भौगोलिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले में प्रशासनिक पुनर्गठन से विकास कार्यों में गति आएगी, प्रशासनिक नियंत्रण और अधिक प्रभावी होगा तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं की पहुंच बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी। आयोग के सचिव अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि प्राप्त सभी सुझावों का परीक्षण कर नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमन वैष्णव, वनमंडलाधिकारी एस.के. अटोदे, अपर कलेक्टर एवं प्रशासनिक पुनर्गठन जिला नोडल अधिकारी बीएस कलेश सहित जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE