झाबुआ। लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए झाबुआ जिले के सारंगी उप तहसील क्षेत्र में पदस्थ एक पटवारी को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा-7 के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में यह ट्रैप कार्रवाई 30 जुलाई 2026 को की गई।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता पुनिया भूरिया (58) निवासी मोतापाड़ा, मोहनपुरा, उप तहसील सारंगी, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ ने 24 जुलाई 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसकी कृषि भूमि के छह सर्वे नंबरों में से पांच सर्वे नंबर फार्मर आईडी पर दर्ज हैं, जबकि एक सर्वे नंबर दर्ज करने के एवज में मोहनपुरा के पटवारी संजय अमलियार 2 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार को उप तहसीलदार कार्यालय, सारंगी के मीटिंग हॉल में शिकायतकर्ता से 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए आरोपी पटवारी संजय अमलियार (38) निवासी एलआईसी कॉलोनी, झाबुआ को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आशीष नायडू, चन्द्रमोहन बिष्ट एवं शैलेन्द्र सिंह बघेल सहित टीम द्वारा की गई।
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत तत्काल लोकायुक्त पुलिस से की जाए।