मंदसौर। अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर देशभर में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल रही। इसके समर्थन में मंदसौर जिले के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने भी अपने मेडिकल स्टोर बंद रखे।
जिलेभर में लगभग 1200 से अधिक मेडिकल स्टोर बंद रहे, जबकि अकेले मंदसौर शहर में करीब 350 दुकानों पर ताले लगे दिखाई दिए। हड़ताल के कारण आमजन को दवाइयों के लिए कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा, हालांकि आपातकालीन मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
प्रधानमंत्री और सांसदों के नाम सौंपा ज्ञापन-
हड़ताल के दौरान केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता एवं राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के होम डिलीवरी तथा भारी छूट देकर दवाओं की अनियंत्रित बिक्री का विरोध किया गया। केमिस्टों का कहना है कि इससे छोटे एवं लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर संचालकों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
GSR नियमों को वापस लेने की मांग-
एसोसिएशन ने ज्ञापन में GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका आरोप है कि इन प्रावधानों के माध्यम से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और क्विक कॉमर्स कंपनियां दवाओं की अनियंत्रित बिक्री कर रही हैं।
दवाएं सामान्य वस्तु नहीं-
केमिस्टों ने कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं। बिना चिकित्सकीय परामर्श और उचित जांच के ऑनलाइन बिक्री से मरीजों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। साथ ही ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बनी नियामकीय व्यवस्था भी कमजोर हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड काल में केमिस्टों ने फ्रंटलाइन वर्कर की भूमिका निभाते हुए आमजन तक दवाएं पहुंचाई थीं, लेकिन इसके बावजूद ऑनलाइन बिक्री में अनियमितताओं पर रोक नहीं लगना चिंताजनक है।
जरूरतमंदों को मिली दवाएं-
एसोसिएशन ने बताया कि हड़ताल शांतिपूर्ण रही और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जरूरतमंद एवं गंभीर मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम में एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष चौधरी, सचिव पंकज सुराणा, आशीष जैन, पियूष पटवा, आशीष गौड़, दीपक पाटीदार सहित बड़ी संख्या में केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स शामिल रहे।