BREAKING NEWS
‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान में गरोठ.. <<     VIDEO NEWS:जंतर-मंतर का आंदोलन समाप्त,मांगों पर बनी.. <<     KHABAR : नीमच में पर्यटन विकास को नई गति देने की.. <<     BIG BREAKING : कॉकरोच जनता पार्टी बोली- आंदोलन खत्म,.. <<     BIG NEWS : गरोठ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 173 ग्राम एमडी.. <<     KHABAR : फर्जी मेडिकल दस्तावेज बनाकर अंतरिम जमानत.. <<     पिपलियामंडी में सिस्टम फेल, जनता पास,खूनी.. <<     NEWS : एसपी धर्मेंद्र सिंह की पहल, जिलेभर के.. <<     NEWS : चार साल से फरार एनडीपीएस का वांछित आरोपी.. <<     "नशे के खिलाफ रतलाम पुलिस का महाअभियान, जावरा.. <<     BIG NEWS : मैदान में गूंजेगा नशामुक्ति का संदेश,.. <<     KHABAR : गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के.. <<     जर्जर सिद्धेश्वर रोड को लेकर सड़क पर उतरे.. <<     पिपलियामंडी के डेफोडिल्स स्मार्ट स्कूल में.. <<     KHABAR : गरोठ के पावटी में एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का.. <<     शाजापुर में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन,.. <<     KHABAR : ड्रिप लगी, फिर भी दवा लेने पहुंचे मरीज,.. <<     देवास में नशा मुक्ति के लिए बना.. <<     KHABAR : नीमच का एकमात्र खेल मैदान बचाने की जंग, 26.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
June 3, 2026, 3:22 pm
KHABAR : मांगों को लेकर आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, सीएम डॉ. मोहन यादव के नाम सौंपा ज्ञापन, भुगतान में देरी और कटौती से नाराज आशा कार्यकर्ता उतरी सड़कों पर, सरकार को दी चेतावनी, पढ़े खबर

Share On:-

नीमच। आशा, ऊषा एवं आशा पर्यवेक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलन आशा-ऊषा-आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन मध्यप्रदेश (सीटू) के नेतृत्व में किया गया।

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने प्रोत्साहन राशि के अनियमित भुगतान, मनमानी कटौती और बढ़ते कार्यभार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की महत्वपूर्ण कड़ी होने के बावजूद आशा एवं आशा पर्यवेक्षकों को समय पर पूरा भुगतान नहीं मिल रहा है। कई महीनों तक प्रोत्साहन राशि लंबित रहती है तथा कटौती की स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जाती। वेतन पर्ची की व्यवस्था नहीं होने से भुगतान में पारदर्शिता का अभाव बना हुआ है।

यूनियन ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग के कार्यों के अलावा अन्य शासकीय जिम्मेदारियां भी आशा कार्यकर्ताओं पर डाली जा रही हैं। आयुष्मान कार्ड निर्माण जैसे कार्यों में कई कार्यकर्ताओं को स्वयं के खर्च पर काम करना पड़ा है।

कार्यकर्ताओं ने मांग की कि आशा एवं पर्यवेक्षकों का भुगतान प्रत्येक माह की 5 तारीख तक बिना कटौती के किया जाए, पूर्व में काटी गई राशि एरियर सहित वापस दी जाए तथा भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए। इसके अलावा 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, रिक्त पदों पर भर्ती, अतिरिक्त कार्यों का अलग भुगतान और सेवा समाप्ति की मनमानी कार्रवाई पर रोक लगाने की भी मांग की गई।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE