नीमच। जिले में पर्यटन की अपार संभावनाओं को विकसित करने, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद (DATCC) की कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक 23 जुलाई 2026 को कलेक्टर सभागृह, नीमच में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी नीमच के श्री अमन जी वैष्णव एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती ऐश्वर्या जी मूंदड़ा ने की।
बैठक में जिले के पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण एवं उन्हें पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने सहित पर्यटन गतिविधियों को गति देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिले के ऐतिहासिक गढ़ों एवं किलों, बांधों, झरनों, प्राचीन मंदिरों तथा अन्य पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों को चिन्हित कर उनके संरक्षण और विकास पर विशेष जोर दिया गया।
वर्षों के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता, नीमच में खुलेगा पर्यटन विभाग का कार्यालय
नीमच जिले में पर्यटन विभाग का कार्यालय स्थापित होने की दिशा में चल रही प्रक्रिया को जिले के पर्यटन प्रेमियों और इससे जुड़े लोगों के वर्षों के प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों से नीमच में पर्यटन को बढ़ावा देने और जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत नीमच के आम नागरिक के निरंतर परिश्रम और प्रयासों की बदौलत नीमच में पर्यटन विभाग का कार्यालय खुलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। इससे जिले में पर्यटन गतिविधियों को संस्थागत रूप से बढ़ावा मिलने और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद है।
बैठक में यह भी सहमति बनी कि जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी, उनके ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व तथा उपलब्ध सुविधाओं को जिला वेबसाइट पर प्रमुखता से शामिल किया जाए। पर्यटन स्थलों के प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का व्यापक उपयोग करने पर भी जोर दिया गया। इस दिशा में स्थानीय सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर विवेक शर्मा के माध्यम से जिले के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों एवं अनदेखे पर्यटन स्थलों की जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रचारित करने तथा अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के सुझाव पर भी चर्चा हुई।
बैठक में पर्यटन विभाग की नवस्थापित कार्यालय व्यवस्था एवं प्रारंभिक तैयारियों, पर्यटन स्थलों के हेरिटेज, धार्मिक एवं इको-टूरिज्म के रूप में विकास, पर्यटन प्रचार-प्रसार के लिए ब्रॉशर, सोशल मीडिया, वेबसाइट एवं अन्य डिजिटल प्रचार सामग्री तैयार करने, स्थानीय होटल, होमस्टे एवं ट्रैवल एजेंसियों के सहयोग तथा आगामी पर्यटन गतिविधियों एवं आयोजनों का कैलेंडर तैयार करने सहित विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में एडीएम श्री बी.एस. कलेश, एएसपी हेमलता अग्रवाल, एसडीएम नीमच पराग जैन, राव दिग्विजय सिंह जी पिपलिया रावजी, इतिहासकार डॉ. सुरेंद्र सिंह शक्तावत, टूरिस्ट गाइड श्री हिम्मत सिंह चंद्रावत, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर विवेक शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, इतिहासकार, नीमच एवं मंदसौर से मध्य प्रदेश टूरिस्ट पर्यटन अधिकारी , टूर ऑपरेटर श्री रणधीर सिंह जी ऑलाइम टूर्स, अंकित जी गोधा एवं विक्की जी छाबड़ा , होटल एवं रिसॉर्ट प्रतिनिधि श्री रवींद्र जी मेहता , इको टूरिज्म को बढ़ावा देने वाले कमलाशंकर विश्वकर्मा, मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला पुरातत्व संघ तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने जिले की पर्यटन संभावनाओं को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि नीमच जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को व्यवस्थित रूप से विकसित कर उसका प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए। इससे न केवल नीमच को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।