चित्तौड़गढ़। जिले के विभिन्न पुलिस थानों में मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में जब्त किए गए वाहनों का शुक्रवार को निंबाहेड़ा स्थित वंडर सीमेंट टाउन हॉल में खुली बोली के माध्यम से निस्तारण किया गया। जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति द्वारा आयोजित नीलामी में 14 वाहनों का विक्रय किया गया, जिससे सरकार को करीब 8 लाख 59 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशों की पालना में एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में जब्त वाहनों की नीलामी की गई। नीलामी में 8 दोपहिया, 5 चौपहिया एवं 1 भारी वाहन को खुली बोली के जरिए बेचा गया।
उन्होंने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिला अफीम उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र होने के साथ ही राज्य की सीमा से लगा हुआ है, जिसके कारण मादक पदार्थों की तस्करी में उपयोग किए गए कई वाहन विभिन्न थानों में जब्त किए गए हैं। थानों के मालखानों में लंबे समय से खड़े इन वाहनों के नियमानुसार निस्तारण के लिए यह कार्रवाई की गई।
न्यायालय से निर्णय प्राप्त अथवा भौतिक सत्यापन पूर्ण हो चुके वाहनों के प्रस्ताव संबंधित थानों से प्राप्त कर नीलामी प्रक्रिया पूरी की गई। वाहनों की नीलामी के लिए पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, अपराध सहायक जोधाराम गुर्जर, उप कोषाधिकारी कैलाश भराडिया, कनिष्ठ लेखाधिकारी शैलेश बोरीवाल तथा परिवहन निरीक्षक सतीश मीणा शामिल रहे।
नीलामी में चित्तौड़गढ़ के अलावा उदयपुर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा एवं मध्यप्रदेश से भी बोलीदाताओं ने भाग लिया। सभी 14 वाहनों को उच्चतम बोली लगाने वाले प्रतिभागियों को नियमानुसार आवंटित किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी में जब्त अन्य वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया भी आगे निरंतर जारी रहेगी।