नीमच। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कृषि मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए व्यापारी संघ नीमच के प्रतिनिधि विकास गोयल ने इसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
विकास गोयल ने मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, कृषि मंत्री एवं कृषि मंडी बोर्ड को पत्र लिखकर कहा है कि मंडी शुल्क में वृद्धि से कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, व्यापारियों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पहले से ही पड़ोसी राज्य गुजरात की तुलना में मंडी शुल्क अधिक है। प्रस्तावित वृद्धि के बाद यह अंतर और बढ़ जाएगा, जिससे प्रदेश के व्यापारी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में महंगाई के कारण आम जनता पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रही है। ऐसे में मंडी शुल्क बढ़ने से व्यापार की लागत में वृद्धि होगी, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं और किसानों दोनों पर पड़ेगा। किसानों की उपज के बेहतर मूल्य मिलने की संभावनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
विकास गोयल ने कपास पर मंडी शुल्क में कमी किए जाने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए अन्य कृषि उपजों पर भी शुल्क में कटौती करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित शुल्क वृद्धि वापस नहीं ली गई तो प्रदेश के व्यापारी संगठन इसके विरोध में व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।