चित्तौड़गढ़। विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण और निर्माण के खिलाफ जिला प्रशासन ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। जिला कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशन में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान संबंधित अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चित्तौड़ दुर्ग की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक विरासत को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो मंजिला अवैध रेस्टोरेंट पर चला बुलडोजर-
अभियान के तहत युवराज सिंह मेड़तिया एवं सत्यनारायण धोबी द्वारा निर्मित दो मंजिला अवैध रेस्टोरेंट को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 125 ट्रैक्टर मलबा, सरिया और निर्माण सामग्री हटाई गई। अभियान में 10 जेसीबी, 20 से अधिक ट्रैक्टर, कटर मशीनें तथा नगर परिषद के 50 से अधिक कर्मचारी लगाए गए।
अतिक्रमण हटाने का खर्च भी वसूला जाएगा-
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बताया कि अतिक्रमण हटाने में उपयोग की गई मशीनरी, वाहनों, श्रमिकों और अन्य संसाधनों पर हुए खर्च की वसूली संबंधित अतिक्रमणकारियों से की जाएगी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार कार्रवाई पर लगभग 1.50 लाख रुपये खर्च हुए हैं। पुलिस बल की तैनाती पर हुए व्यय की वसूली भी दोषियों से की जाएगी।
शिकायतों के बाद हुआ संयुक्त निरीक्षण-
दुर्ग क्षेत्र में अवैध निर्माण संबंधी शिकायतों के बाद प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों ने संयुक्त निरीक्षण कर चिन्हित स्थलों पर कार्रवाई की। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक मार्गों, संरक्षित स्मारकों और सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भविष्य में होगी सख्त कार्रवाई-
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि भविष्य में दुर्ग क्षेत्र में अवैध निर्माण या सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश-
अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुर्ग क्षेत्र की साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत, सड़क, पार्किंग, सुरक्षा एवं पर्यटक सुविधाओं की भी समीक्षा की। सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए दुर्ग क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, उपखंड अधिकारी बीनू देवल, नगर परिषद आयुक्त, पुरातत्व विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने आमजन से ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में सहयोग करने और किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण से बचने की अपील की।