खरगोन। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश की सभी जेलों में 15 से 21 जून तक राज्यव्यापी योग सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में खरगोन जिला जेल सहित जिले की सभी उप जेलों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाना तथा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।
मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में आयोजित इस राज्यव्यापी योग सप्ताह का शुभारंभ जबलपुर केंद्रीय जेल से किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस विवेक रूसिया ने किया। इस अवसर पर प्रदेश की सभी जेलें ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं और योग सप्ताह की औपचारिक शुरुआत की गई।
खरगोन जिला जेल में आयोजित कार्यक्रम में बंदियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। आयुष मंत्रालय के कॉमन योगा प्रोटोकॉल के तहत प्रशिक्षकों ने प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न योगासन कराए। योग के माध्यम से बंदियों को तनावमुक्त जीवन, मानसिक संतुलन और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने का संदेश दिया गया। जिले की सभी उप जेलों में भी इसी प्रकार योग सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच का भी विकास होता है। बंदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में भी ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, खरगोन की सचिव ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम है। यह योग सप्ताह 21 जून, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बंदियों को नियमित रूप से योगाभ्यास कराया जाएगा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।