चित्तौड़गढ़। विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक चित्तौड़ दुर्ग की सुरक्षा, स्वच्छता, सौंदर्य एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने रविवार को दुर्ग क्षेत्र में अवैध निर्माणों एवं अतिक्रमणों के विरुद्ध व्यापक और सख्त अभियान चलाया। जिला कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशन में विभिन्न विभागों के संयुक्त दल ने चिन्हित अतिक्रमणों पर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चित्तौड़ दुर्ग केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान है। इसकी मूल संरचना, पुरातात्विक महत्व एवं गौरवशाली विरासत को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो मंजिला अवैध रेस्टोरेंट ध्वस्त, 125 ट्रैक्टर मलबा हटाया
संयुक्त अभियान के दौरान युवराज सिंह पुत्र महेंद्र सिंह मेड़तिया तथा सत्यनारायण धोबी द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमणों पर बड़ी कार्रवाई की गई। दोनों के दो मंजिला अवैध रेस्टोरेंट को ध्वस्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान लगभग 125 ट्रैक्टर मलबा, सरिया एवं अन्य निर्माण सामग्री को हटाया गया। इस कार्यवाही के दौरान 10 जेसीबी के साथ 20 से अधिक ट्रैक्टरों एवं कटर मशीनों के साथ नगरपरिषद के 50 से अधिक कार्मिक विशेष रूप से लगाए गईं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई दुर्ग क्षेत्र में किए गए बड़े अतिक्रमणों के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
अतिक्रमण हटाने का खर्च भी चुकाना होगा
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण हटाने में उपयोग की गई जेसीबी, मशीनरी, वाहनों, श्रमिकों तथा अन्य संसाधनों पर हुए खर्च की भरपाई भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से की जाएगी।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस कार्रवाई पर लगभग 1.50 लाख रुपये का व्यय हुआ है। उक्त राशि की वसूली संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं से की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यह कार्रवाई भविष्य में अवैध कब्जा एवं अतिक्रमण करने वालों के लिए एक सख्त संदेश साबित होगी कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आर्थिक दायित्व भी वहन करना पड़ेगा। साथ ही, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान तैनात पुलिस जाप्ते पर हुए व्यय की वसूली भी संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं से वसूली जाएगी।
शिकायतों के बाद हुआ संयुक्त निरीक्षण
दुर्ग क्षेत्र ऐतिहासिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चिन्हित स्थलों का भौतिक सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मार्गों, ऐतिहासिक धरोहरों एवं संरक्षित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस द्वारा प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान किया जा रहा है। साथ ही, दुर्ग क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री, जैसे रेत, सीमेंट, पत्थर आदि के परिवहन एवं उपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। ऐसी सामग्री को बिना अनुमति दुर्ग क्षेत्र में ले जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य में अतिक्रमण पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक धमेन्द्र सिंह ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति दुर्ग क्षेत्र में अवैध निर्माण, सरकारी भूमि पर कब्जा अथवा अन्य नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाकर अतिक्रमण की संभावनाओं को प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त किया जाए तथा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
दुर्ग क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग
अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुर्ग क्षेत्र की समग्र व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, सड़क मरम्मत, सुरक्षा प्रबंधन, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं को लेकर विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए दुर्ग क्षेत्र को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त एवं व्यवस्थित बनाए रखने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस, पुरातत्व, नगर परिषद सहित कई विभाग रहे शामिल
कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, पुरातत्व विभाग, नगर परिषद, सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई, जिससे अभियान शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका।
इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचंद्र खटीक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, उपखंड अधिकारी बीनू देवल, नगर परिषद आयुक्त एवं उनकी टीम, अधिशासी अभियंता नवीन अग्रवाल, तहसीलदार विपिन चौधरी, पुरातत्व विभाग के प्रेमचंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता उपस्थित रहा।
धरोहर संरक्षण में जन सहयोग की अपील
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने आमजन से अपील की है कि वे ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण से बचें। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ दुर्ग देश की आन-बान-शान, शौर्य और वीरता का प्रतीक है तथा इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।