चित्तौड़गढ़। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देशानुसार प्रदेशभर में भ्रामक लेबलिंग, मिसब्रांडिंग एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चित्तौड़गढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कैफिनेटेड बेवरेज की कुल 6,300 बोतलें सीज कर उनके नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम लाल शर्मा एवं मनीष कुमार शर्मा ने चित्तौड़गढ़ स्थित एक बेवरेज गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान कैफिनेटेड बेवरेज स्टिंग की 5,850 बोतलें एवं कैंपा की 450 बोतलें सीज कर नमूने लिए गए। निरीक्षण में संबंधित उत्पादों के लेबल पर "एनर्जी" शब्द का उल्लेख पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
सीएमएचओ ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कैफिनेटेड बेवरेज पर "एनर्जी ड्रिंक", "स्पोर्ट्स ड्रिंक", "स्टिम्युलेट्स माइंड", "एनर्जाइज बॉडी" जैसे भ्रामक दावों का उल्लेख उपभोक्ताओं को भ्रमित करने की श्रेणी में आता है। इसी के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अधिक कैफीन युक्त पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा मानकों एवं लेबलिंग नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान लिए गए नमूनों को परीक्षण के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, उदयपुर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।