पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना समेत विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और विस्थापितों के अधिकारों को लेकर चल रहे चिता आंदोलन पर रविवार तड़के पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस बल ने कुपी गांव के पास बनाला नदी पर निर्माणाधीन पुल के पास कार्रवाई की।
आंदोलन के 17वें और नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर के आमरण अनशन के 14वें दिन सुबह करीब 5 बजे भारी पुलिस बल आंदोलन स्थल पहुंचे और कार्रवाई करते हुए अमित भटनागर सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों को हिरासत में ले लिया। आंदोलनकारियों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 250 से 300 के बीच है।
अमित भटनागर ने 400 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर का आरोप है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगांव डैम, रुझ, नैगुवां सिंचाई परियोजना और एनटीपीसी समेत कई परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उनका दावा है कि प्रभावित लोगों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया, फर्जी ग्राम सभाएं कराई गईं और अपात्र लोगों को मुआवजा दिलाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई परियोजनाओं में 60 से 67 प्रतिशत तक मुआवजा अपात्र लोगों के नाम पर जारी किया गया, जिससे अधिकारियों, दलालों और उनके करीबी लोगों को फायदा पहुंचा। भटनागर के अनुसार, इन परियोजनाओं में 400 करोड़ रुपए से अधिक का भ्रष्टाचार हुआ और करीब 50 हजार लोग विस्थापन से प्रभावित हुए हैं।
अमित भटनागर को मेडिकल जांच के लिए भेजा
आंदोलनकारियों के मुताबिक, अमित भटनागर रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने वाले थे। हालांकि, पुलिस के हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए किस अस्पताल ले जाया गया, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अमित भटनागर लंबे समय से केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित पन्ना और छतरपुर की विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासियों और किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में दिव्या अहरवार भी लगातार उनके साथ सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। पूर्व में अमित भटनागर की गिरफ्तारी के दौरान भी आंदोलन का नेतृत्व दिव्या अहरवार ने संभाला था।
दिव्या अहिरवार 21 साल की उम्र में बनीं पार्षद
समाजसेवी और विजावर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-9 (अंबेडकर कॉलोनी) की पार्षद दिव्या अहिरवार आंदोलन में शुरू से सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वह महज 21 वर्ष की उम्र में पार्षद निर्वाचित हुई थीं। वर्तमान में वह छतरपुर में एलएलबी फाइनल ईयर की छात्रा हैं।
दिव्या इससे पहले भी जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन कर चुकी हैं। वार्ड में साफ-सफाई की मांग को लेकर उन्होंने 7 से 8 दिन तक आमरण अनशन किया था। अमित भटनागर की गिरफ्तारी के बाद भी वह आंदोलन का नेतृत्व करती रही हैं और इस बार भी आंदोलन की प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।
आंदोलन से जुड़ी दिव्या अहरवार ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि अमित भटनागर आज रविवार को मीडिया के सामने केन-बेतवा लिंक परियोजना में 400 करोड़ रुपए के कथित भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने वाले थे। उनका दावा है कि इसी खुलासे को रोकने के लिए प्रशासन ने तड़के कार्रवाई की।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन ने आंदोलन को समाप्त कराने के उद्देश्य से सुनियोजित कार्रवाई की। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास है।