भौरासा/सोनकच्छ। बैराज डैम विवाद के बाद अब काकड़ादा ग्राम पंचायत के ग्राम महुडी में बने स्टाफ डैम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व मंत्री व सोनकच्छ क्षेत्र के पूर्व विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कांग्रेस नेताओं के साथ डैम का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि करीब 2 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत से बने इस डैम में हाल ही की बारिश के बाद पानी तो भरा, लेकिन टिक नहीं पाया। डैम के गेट डूबे हुए हैं, आसपास की मिट्टी कटकर बह रही है और निर्माण कार्य में कई खामियां दिखाई दे रही हैं। साथ ही डैम से संबंधित लागत, क्षमता, निर्माण वर्ष व ऊंचाई की जानकारी देने वाला कोई बोर्ड भी मौके पर नहीं लगाया गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि डैम निर्माण के लिए न तो ग्राम पंचायत से एनओसी ली गई और न ही निर्माण के बाद पंचायत को हैंडओवर किया गया। इससे रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने निरीक्षण के बाद कहा कि डैम निर्माण में गंभीर अनियमितताएं और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि “जनता के धन की इस तरह बर्बादी करना बिल्कुल ठीक नहीं है।”
वर्मा ने जिला कलेक्टर से शीघ्र निरीक्षण कर डैम की मरम्मत कराने की मांग की, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह डैम एक बारिश भी नहीं झेल पाया, जो निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही प्रदेश में बने सभी स्टाफ डैम की जांच कराने की मांग भी उठाई।