नीमच। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास नगीन सिंह रावत एवं उनकी टीम ने नीमच और जावद विकासखंड के ग्राम मालखेड़ा, नेवड़, सरवानिया महाराज एवं बरखेड़ा सहित विभिन्न गांवों का भ्रमण कर खरीफ फसलों की स्थिति का जायजा लिया।
दल ने क्षेत्र में सोयाबीन, मक्का, मूंगफली एवं अरहर सहित विभिन्न खरीफ फसलों का निरीक्षण कर खेतों में नमी की स्थिति तथा कीट एवं रोगों के संभावित प्रकोप का आकलन किया। किसानों को मौसम की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए फसलों के बेहतर प्रबंधन एवं समय पर आवश्यक कृषि उपाय अपनाने की सलाह दी गई।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अधिकांश किसानों ने कुल्पा चलाकर खेतों में नमी संरक्षण का कार्य किया है। वहीं, अधिक खरपतवार वाले खेतों में श्रमिकों के माध्यम से खरपतवार नियंत्रण किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि रावत ने किसानों को सलाह दी कि जिन खेतों में अभी तक कुल्पा अथवा डोरा नहीं चलाया गया है, वहां शीघ्र नमी संरक्षण के उपाय अपनाएं। उन्होंने सोयाबीन फसल में स्टेम फ्लाई एवं गर्डल बीटल की नियमित निगरानी रखने तथा आवश्यकता होने पर अनुशंसित कीटनाशकों का समय पर छिड़काव करने की सलाह दी। वहीं, मक्का की फसल में फॉल आर्मी वर्म की आशंका को देखते हुए खेतों का सतत निरीक्षण करने और लक्षण दिखाई देने पर अनुशंसित उपचार अपनाने को कहा।
इसके अलावा, सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने पर स्प्रिंकलर पद्धति से जीवन रक्षक सिंचाई करने की भी सलाह दी गई, जिससे फसलों को नमी की कमी से बचाया जा सके।
निरीक्षण दल में परियोजना संचालक आत्मा डॉ. यतीन मेहता, कृषि विज्ञान केंद्र नीमच के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. सीपी पचौरी तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एस. नरूका भी शामिल रहे।