नीमच। खरीफ फसलों की बुवाई लगभग पूरी होते ही मालवा अंचल के किसानों ने अपने खेतों से निकला लहसुन मंडियों में लाना शुरू कर दिया है। इसका सबसे बड़ा असर नीमच की चंगेरा कृषि उपज मंडी में देखने को मिला, जहां बुधवार को करीब 8 हजार बोरी लहसुन की बंपर आवक दर्ज की गई। बड़ी आवक के बावजूद मंडी में भाव स्थिर बने रहे, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों में संतोष का माहौल रहा।
मंडी में बुधवार को देसी किस्म का उत्कृष्ट गुणवत्ता वाला लहसुन भी बड़ी मात्रा में पहुंचा। गुणवत्ता के अनुसार किसानों को 5 हजार रुपये से लेकर 28 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव मिले। बेहतर गुणवत्ता वाले लहसुन की मांग मजबूत बनी हुई है, जबकि हल्की गुणवत्ता वाले माल को अपेक्षाकृत कम दाम मिले।
किसानों का कहना है कि यदि बाजार में मांग इसी प्रकार बनी रही तो उच्च गुणवत्ता वाले लहसुन के भाव में 1,500 से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल तक और तेजी आ सकती है।
व्यापारियों के अनुसार पिछले 5 से 7 दिनों से लहसुन के भाव स्थिर बने हुए हैं। इस दौरान केवल स्थानीय क्षेत्र ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी लहसुन की आवक नीमच मंडी में हो रही है।
व्यापारियों और किसानों का कहना है कि यदि देश में अवैध रूप से आने वाले चीनी लहसुन पर प्रभावी रोक लगाई जाए तो घरेलू बाजार में लहसुन के दाम और मजबूत हो सकते हैं। उनका मानना है कि इससे भारतीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। हालांकि, नीमच मंडी में वर्तमान में चीनी लहसुन की कोई आवक नहीं है।
फिलहाल नीमच मंडी में लहसुन की आवक और भाव का संतुलन किसानों के लिए राहतभरा साबित हो रहा है। मंडी से जुड़े जानकारों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी आवक का सिलसिला जारी रहेगा, क्योंकि किसान अब तेजी से अपना स्टॉक मंडियों में ला रहे हैं।