नीमच। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किए जाने के निर्णय के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने नीमच में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुरानी मंडी स्थित मंडी व्यापारी संघ कार्यालय से पैदल मार्च निकालकर कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय पहुंचकर मंडी सचिव उमेश बसेड़िया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मंडी शुल्क वृद्धि को व्यापार एवं कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मंडी शुल्क बढ़ने से व्यापारियों की लागत में वृद्धि होगी, जिसका सीधा असर किसानों को मिलने वाले उचित मूल्य, व्यापारिक गतिविधियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
इस दौरान मंडी परिसर में मौजूद व्यापारियों ने भी बढ़ाए गए मंडी शुल्क का विरोध किया। व्यापारियों का कहना था कि सरकार का यह निर्णय केवल व्यापारियों के लिए ही नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी अतिरिक्त आर्थिक भार का कारण बनेगा। उन्होंने कहा कि बढ़े हुए शुल्क से कृषि उपज के व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ ने चेतावनी दी कि यदि मंडी शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो व्यापारी वर्ग प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष कमल मित्तल ने कहा कि सरकार ने व्यापारिक संगठनों एवं किसान प्रतिनिधियों से चर्चा किए बिना यह निर्णय लिया है, जो पूरी तरह अव्यावहारिक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा व्यापारियों और किसानों के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। उन्होंने सरकार से मंडी शुल्क वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में मंडी व्यापारी उपस्थित रहे।