आगर मालवा। जिला मुख्यालय पर आयोजित कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा की जनसुनवाई में मंगलवार को एक अनोखा और अजीबो-गरीब नजारा देखने को मिला। प्रशासनिक ढर्रे और बार-बार की उपेक्षा से परेशान होकर एक शिकायतकर्ता जनसुनवाई की पावती/निराकरण कार्डों की माला पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंच गया।
4-5 सालों से लगा रहा कलेक्ट्रेट के चक्कर
पीड़ित शिकायतकर्ता राधेश्याम माली (निवासी सोयत कला) ने बताया कि वह पिछले 4 से 5 वर्षों से अपनी समस्या को लेकर लगातार कलेक्टर की जनसुनवाई में आ रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन या कार्ड थमा दिया जाता है और समस्या जस की तस बनी रहती है। उन्होंने दर्जनों बार जनसुनवाई में आवेदन दिए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रास्ता बंद और नाले पर अतिक्रमण का मामला
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोयत कला में कुछ दबंगों द्वारा आम और शासकीय रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसके अलावा गांव के एक नाले के आसपास भी अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र के आम लोगों को आवाजाही और जलभराव जैसी भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित के अनुसार, वे इस संबंध में ‘सीएम हेल्पलाइन’ पर भी 8 से अधिक बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं, पर वहां भी कोई समाधान नहीं मिला।
जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
पीड़ित राधेश्याम माली ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यदि प्रशासन अब भी नींद से नहीं जागा और उनकी जायज समस्याओं का निराकरण जल्द नहीं किया गया, तो वे मजबूरन बड़े पैमाने पर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे। अब इस चर्चित और अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद देखना होगा कि कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा मामले को संज्ञान में लेकर लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित की समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।