जबलपुर। पाटन में संदीपनी स्कूल को करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम सकरा में शिफ्ट किए जाने के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों छात्र सड़क पर उतर आए। छात्रों ने स्कूल जाने के बजाय पाटन चौराहे पर चक्काजाम कर जबलपुर-दमोह-भोपाल मार्ग बंद कर दिया। यह स्थिति करीब एक घंटे बनी रही। अचानक बड़ी संख्या में स्कूली छात्रों के सड़क पर उतरने से पुलिस और प्रशासन में भी हड़कंप मच गया।
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम मानवेंद्र सिंह और पाटन थाना पुलिस समेत बड़ी संख्या में अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम ने जल्द ही बसों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्रों को समझाने की कोशिश की गई।
10 किमी दूर शिफ्ट किया स्कूल
दरअसल, पाटन में लंबे समय से संचालित संदीपनी स्कूल को स्कूल शिक्षा विभाग ने पाटन तहसील मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर ग्राम सकरा में शिफ्ट कर दिया है। नई बिल्डिंग का निर्माण भी शुरू हो चुका है। स्कूल को शहर से इतनी दूर ले जाने की जानकारी मिलने के बाद से ही छात्र और अभिभावक इसका विरोध कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि पाटन में स्कूल संचालित होने से आसपास के गांवों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए आवागमन आसान था। अब स्कूल सकरा में शिफ्ट होने से गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों के सामने रोज स्कूल आने-जाने की समस्या खड़ी हो गई है।
जाम से सड़क पर लगी वाहनों की लंबी कतार
मंगलवार को छात्र अचानक पाटन चौराहे पर पहुंचे और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों की संख्या बढ़ने के साथ ही मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना।
छात्रों ने लगाया धमकी देने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्र अभय प्रजापति ने आरोप लगाया कि जब छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, तब स्कूल के कुछ शिक्षक उनके पास पहुंचे और धमकी दी कि प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को टीसी दे दी जाएगी और फेल कर दिया जाएगा। छात्रों का कहना है कि इस तरह धमकी देकर उन्हें विरोध करने से रोकने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों ने मांग की कि स्कूल को पाटन से दूर ले जाने के बजाय विद्यार्थियों के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे उन्हें सुरक्षित और आसानी से स्कूल पहुंचने की सुविधा मिल सके।
एसडीएम बोले- बसों का टेंडर जारी हो चुका
एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद स्कूल के प्रिंसिपल से बात की गई है। छात्रों की मुख्य मांग जल्द से जल्द बसों की व्यवस्था करने की है, ताकि छात्र-छात्राओं को स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो।
एसडीएम ने बताया कि बसों की व्यवस्था के लिए टेंडर जारी हो चुका है। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द व्यवस्था शुरू कर विद्यार्थियों की समस्या का समाधान किया जाए।