चित्तौड़गढ़। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 2026 के अवसर पर हिंदुस्तान जिंक ने युवा प्रतिभाओं को नेतृत्व के अवसर देने और उन्हें भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने की अपनी पहल की जानकारी दी। कंपनी के अनुसार उसके कुल कर्मचारियों में लीडरशिप भूमिकाओं में कार्यरत 10 प्रतिशत कर्मचारी 35 वर्ष से कम आयु के हैं।
कंपनी के कुल कर्मचारियों में 62 प्रतिशत की उम्र 35 वर्ष से कम है, जबकि जेंडर विविधता 26.3 प्रतिशत है। युवा कर्मचारी खनन, विनिर्माण, तकनीक, सस्टेनेबिलिटी और बिजनेस लीडरशिप सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। कंपनी का कहना है कि युवा प्रतिभाओं की नई सोच, तकनीक के बेहतर उपयोग और नवाचार की क्षमता पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक एवं भविष्य के लिए तैयार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
दो वर्षों में करीब 700 युवा प्रोफेशनल्स की नियुक्ति-
हिंदुस्तान जिंक के अनुसार पिछले दो वित्तीय वर्षों में करीब 700 युवा प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की गई है। इनमें वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 335 कैंपस हायर शामिल हैं। इन प्रतिभाओं का चयन वीएलडीपी, जीईटी, पीजीईटी और एमटी कार्यक्रमों के माध्यम से देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से किया गया।
कंपनी इन युवा प्रतिभाओं को ‘इकोज ऑफ टुमॉरो’ नाम से पहचान देती है। कंपनी के अनुसार यह पहल उद्योग के भविष्य को आकार देने में युवाओं की सक्रिय भूमिका को दर्शाती है।
युवाओं को नेतृत्व के अवसर देना प्राथमिकता-
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि भविष्य का उद्योग नई सोच रखने वाली, परंपराओं को चुनौती देने वाली और तकनीक एवं सस्टेनेबिलिटी को विकास का आधार मानने वाली पीढ़ी से आकार लेगा। कंपनी का प्रयास युवा पेशेवरों को नेतृत्व, नवाचार और बड़े स्तर पर प्रभाव पैदा करने के अवसर देना है।
उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित, सस्टेनेबल और विविधतापूर्ण संगठन के रूप में आगे बढ़ते हुए कंपनी ऐसे नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करना चाहती है, जो कंपनी के भविष्य के साथ भारत की औद्योगिक प्रगति में भी योगदान दे सकें।
डिजिटल तकनीक और ऑटोमेशन में युवाओं की भूमिका-
कंपनी के अनुसार जेन-जी और मिलेनियल्स आधुनिक तकनीकों पर आधारित संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनमें रिमोट ब्लास्टिंग, टेली-रिमोट उपकरण संचालन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑपरेशनल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, ऑटोमेटेड प्रक्रियाएं और डिजिटल कंट्रोल रूम जैसी तकनीकें शामिल हैं।
कंपनी डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन के माध्यम से कर्मचारियों को बेहतर एवं समान कार्य अनुभव उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है।
कर्मचारी विकास के लिए कई पहल-
कर्मचारियों के व्यक्तिगत एवं पेशेवर विकास के लिए कंपनी द्वारा विभिन्न नीतियां लागू की गई हैं। इनमें नाइट शिफ्ट के अवसर, लचीले कार्य समय, स्पाउस हायरिंग, बच्चों की देखभाल के लिए एक वर्ष तक का सब्बैटिकल तथा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाली अवकाश नीतियां शामिल हैं।
इसके अलावा कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में काम करने और नई भूमिकाएं अपनाने के अवसर भी दिए जाते हैं। कौशल विकास, अपस्किलिंग और रिस्किलिंग के लिए नियमित प्रशिक्षण, मेंटरिंग, वैश्विक विशेषज्ञों से सीखने के अवसर, व्यवहारिक विकास कार्यक्रम और तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं।
कोर सेक्टर में युवाओं के लिए अवसर-
कंपनी के अनुसार भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए युवाओं को कोर सेक्टर में आकर्षक एवं सार्थक करियर अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल माइनिंग और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में युवा प्रतिभाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के अवसर मिल रहे हैं।
‘इकोज ऑफ टुमॉरो’ पहल के माध्यम से कंपनी का उद्देश्य युवा, विविधतापूर्ण और उद्देश्यपूर्ण कार्यबल को बढ़ावा देना है, जो वर्तमान में उद्योग के भविष्य की नींव तैयार कर रहा है।