नीमच। कर्मचारियों एवं पेंशनरों की लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग को लेकर मंगलवार को प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन एवं तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
ज्ञापन में केंद्र के अनुरूप महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का लाभ देने तथा लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। इसके अलावा छठे एवं सातवें वेतनमान के लंबित एरियर का भुगतान, कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए निःशुल्क अथवा कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा जिला स्तर पर पेंशन कार्यालय को पुनः शुरू करने की मांग की गई।
संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने, पूर्ण पेंशन की पात्रता अवधि 33 वर्ष से घटाकर 25 वर्ष करने तथा पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन का लाभ देने की मांग भी रखी।
इसके साथ ही लिपिक संवर्ग को समयमान वेतनमान का लाभ, स्थाईकर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ, आउटसोर्स भर्ती पर रोक तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने सहित विभिन्न मांगें ज्ञापन में शामिल की गईं।
मांगों पर शीघ्र निर्णय की मांग-
कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों ने शासन से वार्ता के माध्यम से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी एवं पेंशनर लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अपेक्षित निराकरण नहीं हो पाया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी एवं पेंशनर संघर्ष और आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।