नीमच। मध्यप्रदेश शासन द्वारा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पंख अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा पात्र युवाओं को विभिन्न शासकीय स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नीमच जिले में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में बाछड़ा समुदाय के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल की जा रही है।
इसी क्रम में मनासा विकासखंड के ग्राम तलाऊ निवासी नीरज पिता कमल को मध्यप्रदेश शासन की संत रविदास स्वरोजगार योजना के तहत 3 लाख 75 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। यह ऋण सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कुकड़ेश्वर शाखा द्वारा प्रदान किया गया।
स्वरोजगार से मजबूत हुई आर्थिक स्थिति-
नीरज ने ऋण राशि से सेंट्रिंग का व्यवसाय शुरू किया। वे मकान निर्माण कार्यों में सेंट्रिंग का काम कर प्रतिमाह लगभग 20 से 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। स्वरोजगार से होने वाली आय से वे अपने परिवार की आजीविका में सहयोग कर रहे हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
नीरज बताते हैं कि संत रविदास स्वरोजगार योजना से मिली आर्थिक सहायता उनके लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बनी। योजना के माध्यम से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला और अब वे स्वयं रोजगार से जुड़कर परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर पा रहे हैं।
पंख अभियान से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल-
पंख अभियान के तहत जिले में बाछड़ा समुदाय के युवाओं को चिन्हित कर उनकी क्षमता एवं आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न शासकीय स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। अभियान का उद्देश्य युवाओं को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक रोजगार एवं आत्मनिर्भर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना है।
नीरज ने स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजना से मिली सहायता ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया, जिससे अब वे अपने परिवार की आजीविका चलाने में सक्षम हो रहे हैं।