जुलवानिया। नगर में जल निगम की पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सीसी सड़कों की चार माह से मरम्मत नहीं होने के विरोध में जयस ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को संगठन के नेतृत्व में खरगोन फाटे पर अनिश्चितकालीन सांकेतिक धरना शुरू किया गया।
जयस पदाधिकारियों ने जल निगम की महाप्रबंधक हर्षिता यादव और संबंधित निर्माण एजेंसी लक्ष्मी इंजीनियरिंग सर्विसेस, कोल्हापुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें बदहाल छोड़ दी गईं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
दो फीट तक गहरे गड्ढे
जयस के अनुसार करीब चार माह पहले पाइपलाइन बिछाने के लिए खरगोन रोड, इंदौर-सेंधवा रोड, बिरसा मुंडा चौराहा, इंदौर बस स्टैंड और पुलिस थाना-शिव मंदिर के सामने सीसी सड़कें जेसीबी के ब्रेकर से खोदी गई थीं। काम पूरा होने के बाद इनकी मरम्मत नहीं कराई गई। कई जगह करीब दो फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं।
रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही
क्षतिग्रस्त सड़क से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जयस का आरोप है कि गड्ढों के कारण बाइक सवारों के गिरने की घटनाएं हो रही हैं। वहीं भारी वाहनों से सड़क और वाहनों को भी नुकसान पहुंच रहा है। यह मार्ग मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन करीब दो हजार छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होने का दावा किया गया है।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
जयस ब्लॉक अध्यक्ष रवि चौहान ने बताया कि संगठन पूर्व में भी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से सड़क की मरम्मत की मांग कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण शुरू होने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।
धरने में जयस मंडल अध्यक्ष जुलवानिया पवन बघेल, मंडल प्रभारी मनीष मुजाल्दे, महासचिव विकास मोरे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।