खरगोन। मिर्च व्यापारियों द्वारा किसानों से खरीद के बाद भाव बताने और मनमानी कीमत तय करने के विरोध में ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि व्यापारियों द्वारा हरी मिर्च खरीदने के बाद एक दिन तक भाव नहीं बताया जाता। सुबह से खरीद करने के बाद शाम को मनमाना भाव घोषित किया जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। व्यापारियों की आपसी मिलीभगत से पारदर्शी बोली प्रक्रिया नहीं होने की बात भी कही गई।
किसानों ने मांग की कि हरी मिर्च की खरीद-बिक्री अनिवार्य रूप से मंडी में कराई जाए, किसानों को समय पर पारदर्शी भाव मिले और धांधली करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन म.प्र. आदिवासी विकास परिषद युवा प्रभाग के जिला अध्यक्ष पंडू डावर के नेतृत्व में सौंपा गया।