चित्तौड़गढ। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 की घोषणा के साथ ही जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट डॉ. मंजू ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। आदेश 22 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा।
हथियार लेकर चलने और प्रदर्शन पर रोक
नगर परिषद एवं नगर पालिका क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति आग्नेय अथवा घातक हथियार, धारदार हथियार या ऐसे अन्य साधन लेकर नहीं चल सकेगा, जिनसे आमजन को चोट पहुंचने की आशंका हो। सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का प्रदर्शन भी प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा विस्फोटक, अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ एवं घातक रासायनिक पदार्थ साथ रखने या उनका उपयोग करने पर भी रोक रहेगी।
बिना अनुमति चुनाव प्रचार और रैली पर प्रतिबंध
राजकीय एवं सार्वजनिक परिसरों पर पोस्टर, बैनर, झंडे अथवा नारे लिखने के लिए सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। निजी परिसरों का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग भी संपत्ति मालिक की अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
बिना अनुमति आमसभा, धरना, जुलूस, रैली, प्रदर्शन अथवा बंद का आयोजन या प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकेगा। धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों, मेलों और जुलूसों के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा। शव यात्रा को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
वाहनों, लाउडस्पीकर और डीजे पर सख्ती
चुनाव प्रचार के लिए वाहनों का उपयोग तथा झंडे, स्टीकर, बैनर, होर्डिंग और लाउडस्पीकर लगाने के लिए सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति जरूरी होगी। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति राजनीतिक आयोजन, रैली, जुलूस अथवा संकीर्तन यात्रा नहीं निकाली जा सकेगी।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी नियंत्रण रहेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी, जबकि डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार में उपयोग नहीं
मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा या किसी अन्य धार्मिक स्थल का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
भड़काऊ सामग्री और अफवाहों पर भी रोक
किसी समुदाय, संप्रदाय या जाति विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्टर, पेम्पलेट अथवा अन्य प्रचार सामग्री का प्रकाशन प्रतिबंधित रहेगा। उत्तेजनात्मक या भड़काऊ नारे लगाने और अफवाह फैलाने पर भी रोक रहेगी।
अधिकृत सुरक्षा बलों को छूट
हथियार संबंधी प्रतिबंध सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान पुलिस, राजस्थान होम गार्ड तथा कानून-व्यवस्था के लिए अधिकृत राज्य एवं केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार नियमानुसार कृपाण रखने की छूट रहेगी। वहीं दृष्टिहीन, दिव्यांग एवं वृद्ध व्यक्तियों को सहारे के लिए बैसाखी अथवा बांस/लकड़ी रखने की अनुमति होगी।