सरवानिया महाराज। जनकपुर क्षेत्र के समाजसेवी एवं पूर्व सरपंच रामनिवास फाकरिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जनसेवा के लिए पद नहीं, बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति और संवेदनशील सोच जरूरी है। शासकीय स्कूल की जर्जर छत से बारिश का पानी टपकने और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल मदद का भरोसा दिया और महज 36 घंटे में करीब 3500 वर्गफीट छत पर डमर शीट लगवाकर समस्या का समाधान करा दिया।
खास बात यह रही कि उन्होंने सरकारी बजट या प्रशासनिक औपचारिकताओं का इंतजार नहीं किया। निजी प्रयासों से कराए गए इस कार्य से बारिश के दौरान परेशान होने वाले स्कूली बच्चों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने पेश की मिसाल
सरकारी स्कूलों की मरम्मत के लिए अक्सर कागजी कार्रवाई और बजट स्वीकृति में लंबा समय लग जाता है। ऐसे में पूर्व सरपंच रामनिवास फाकरिया की त्वरित पहल ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और क्षेत्र के भामाशाहों के सामने सामाजिक जिम्मेदारी की नई मिसाल पेश की है।
ग्रामीणों का कहना है कि फाकरिया लंबे समय से जरूरतमंदों और शिक्षा के क्षेत्र में अपने स्तर पर सहयोग करते आ रहे हैं। उनकी उदारता और सेवा भावना के कारण क्षेत्र में उनका विशेष सम्मान है।
‘एक पंच, एक तालाब योजना’ की शुरुआत से जुड़ा रहा जनकपुर
रामनिवास फाकरिया का सामाजिक योगदान नया नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कार्यकाल के दौरान जल संरक्षण की महत्वाकांक्षी ‘एक पंच, एक तालाब योजना’ की शुरुआत जनकपुर से कराए जाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है।
इसके अलावा उन्होंने जनकपुर में ‘जीरो बजट’ पर हाई स्कूल शुरू कराने की पहल की थी। उनके प्रयासों के चलते अगले ही वर्ष स्कूल को हायर सेकेंडरी में अपग्रेड किया गया। स्कूल भवन निर्माण के लिए उन्होंने क्षेत्र के दानदाताओं को प्रेरित कर जनसहयोग जुटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्षों से प्रतिभाओं को कर रहे सम्मानित
स्थानीय शिक्षकों और ग्रामीणों के मुताबिक, रामनिवास फाकरिया पिछले कई वर्षों से जनकपुर, दड़ौली और मांडा पंचायत क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाते रहे हैं।
वे समय-समय पर विद्यालयों का दौरा कर शिक्षकों से संवाद करते हैं और बच्चों की जरूरत के अनुसार पाठ्य सामग्री, स्कूल बैग और खेलकूद का सामान भी अपने स्तर पर उपलब्ध कराते हैं।
स्कूल की छत की समस्या का त्वरित समाधान होने के बाद ग्रामीणों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने रामनिवास फाकरिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।